मुंबईकुछ ही क्षण पहले
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार गुरुवार (13 जून) को मुंबई के विधान भवन पहुंचकर राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल किया।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने गुरुवार (13 जून) को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। NCP (अजित गुट) के सांसद प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी।
सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की बारामती सीट से चुनाव भी लड़ा था। उनके सामने शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले थीं। चुनाव में सुनीता अपनी ननद से लगभग डेढ़ लाख वोटों से हार गई थीं।
मीटिंग के बाद सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगी
महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि पार्टी के कोर ग्रुप के सदस्यों ने सुनेत्रा पवार को राज्यसभा सीट देने का फैसला सर्वसम्मति से किया है। कई लोग वह सीट चाहते थे, लेकिन चर्चा के बाद हमने फैसला किया है कि सुनेत्रा पवार को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए। मैं इस फैसले से बिल्कुल भी परेशान नहीं हूं।
प्रफुल्ल पटेल की राज्यसभा सीट खाली हुई थी
NCP (अविभाजित) नेता प्रफुल्ल पटेल 2022-28 के लिए राज्यसभा सांसद चुने गए थे। इसके बाद पार्टी टूट गई और अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग हो गए। इस दौरान प्रफुल्ल ने अजित का साथ दिया। वहीं, शरद पवार ने दसवीं अनुसूची की धारा 2(A) के तहत पटेल के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की, जिसमें दलबदल के आधार पर अयोग्यता का प्रावधान था।
इसके बाद प्रफुल्ल ने फरवरी में राज्यसभा सीट से इस्तीफा दे दिया और NCP (अजित गुट) ने उन्हें राज्यसभा के नए कार्यकाल के नॉमिनेट किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में लिखा कि मुझे 2022-2028 के कार्यकाल के लिए राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया था। मैंने राज्यसभा सदस्यता के अपने 4 साल के पुराने कार्यकाल से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि मैं एक नए कार्यकाल के लिए राज्यसभा में चुना गया हूं। नया कार्यकाल 2024 से 2030 तक प्रभावी होगा। इसलिए मैं 2030 तक अगस्त सदन का सदस्य बना रहूंगा।
इसी वजह से NCP (अजित गुट) की एक राज्यसभा सांसद की जगह खाली थी। इस सीट के कार्यकाल में चार साल बाकी है। अब यहां से सुनेत्रा पवार राज्यसभा जाएंगी।
बारामती में सुप्रिया सुले और भाभी सुनेत्रा पवार के बीच मुकाबला था
महाराष्ट्र के बारामती लोकसभा सीट से शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ सुनेत्रा पवार ने चुनाव लड़ा था। सुप्रिया ने उन्हें 1,58,333 वोटों से हराया था।
बारामती सीट 57 सालों से पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। शरद पवार ने 1967 में पहली बार बारामती से विधानसभा चुनाव जीता था। वे 1972, 1978, 1980, 1985 और 1990 के विधानसभा चुनाव में यहां से लगातार जीते।
इसके बाद शरद 1991, 1996, 1998 और 2004 में बारामती से लगातार सांसद चुने गए। उन्होंने 2009 में अपनी बेटी सुप्रिया को ये सीट सौंप दी थी। सुप्रिया ने 2009, 2014 और 2019 में यहां से जीत दर्ज की। सुनेत्रा पहली बार चुनाव में उतरी हैं।

अजित और सुप्रिया चचेरे भाई-बहन हैं। इस रिश्ते से सुप्रिया और सुनेत्रा ननद-भाभी हैं।
कौन हैं सुनेत्रा पवार…
60 साल की सुनेत्रा पवार सोशल एक्टिविस्ट हैं। सुनेत्रा पवार एनवायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की संस्थापक हैं, जो 2010 में स्थापित NGO है। सुनेत्रा विद्या प्रतिष्ठान के लिए ट्रस्टी के रूप में काम करती हैं। वह 2011 में फ्रांस में विश्व उद्यमिता मंच थिंक टैंक की सदस्य रही हैं।
उनके भाई वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और पूर्व मंत्री पदमसिंह पाटिल हैं। उनके भतीजे राणा जगजीतसिंह पदमसिंह पाटिल उस्मानाबाद से भाजपा के विधायक हैं। उनके बड़े बेटे पार्थ ने मावल से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन असफल रहे थे।

अजित पवार ने 2023 में चाचा शरद से नाता तोड़ा था
अजित पवार पिछले साल 2 जुलाई 2023 को NCP के आठ विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे। इसी दिन शिंदे सरकार में अजित ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद NCP दो धड़ों में बट गई थी। एक गुट अजित पवार और दूसरा शरद पवार का हो गया था।

2 जुलाई 2023 को राजभवन में डिप्टी CM पद की शपथ लेने के बाद अजित पवार।
भाभी से मुकाबले पर सुप्रिया ने कहा था- मेरी लड़ाई वैचारिक, निजी नहीं
सुप्रिया के खिलाफ सुनेत्रा के चुनावी मैदान में उतरने की अटकलें पहले से थीं। सुप्रिया ने 18 फरवरी को कहा था कि उनकी लड़ाई विचारों की है, पर्सनल नहीं है।
उन्होंने कहा- यह पारिवारिक लड़ाई कैसे हो सकती है? लोकतंत्र में कोई भी चुनाव लड़ सकता है। अगर उनके पास कोई मजबूत उम्मीदवार है तो मैं उस उम्मीदवार से बात करने के लिए तैयार हूं। विषय, समय या जगह कोई भी हो। पूरी खबर पढ़ें…
अजित ने कहा था- मैं शरद का बेटा होता तो NCP अध्यक्ष होता
अजित पवार ने बारामती में एक रैली के दौरान कहा था कि अगर मैं सीनियर (शरद पवार) के घर में पैदा होता तो स्वाभाविक रूप से NCP का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाता और पूरी पार्टी मेरे नियंत्रण में होती।
अजित ने पार्टी चुराने के आरोपों पर शरद पवार का नाम लिए बिना ये बयान दिया। अजित पवार जुलाई 2023 में NCP के आठ विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे। पढ़ें पूरी खबर…

