Indus Towers Ltd Share: शेयर बाजार में ऐतिहासिक बढ़त के बीच बुधवार को इंडस टावर्स लिमिटेड के शेयर बुरी तरह क्रैश हो गए। ट्रेडिंग के दौरान इंडस टावर्स के शेयर करीब 6 फीसदी टूटकर 320.60 रुपये पर आ गए। शेयर में मचे इस हाहाकार की वजह कंपनी से जुड़ी एक खबर है। दरअसल, ब्रिटेन के वोडाफोन समूह ने ब्लॉक डील के जरिए इंडस टावर्स कंपनी में करीब 19 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। यह हिस्सेदारी 53.3 करोड़ शेयर के बराबर है और डील करीब 17000 करोड़ रुपये की है।
बता दें कि ब्लॉक डील ट्रांजैक्शन से पहले वोडाफोन समूह के पास टावर कंपनी में 567.2 मिलियन शेयर या 21% हिस्सेदारी थी। वहीं, ब्लॉक डील के लिए प्राइय बैंड ₹310 – ₹341 प्रति शेयर के बीच तय किया गया था।
एयरटेल की डील
इस बीच, एयरटेल ने टावर कंपनी में अपनी 1% हिस्सेदारी बढ़ा दी है। एयरटेल ने कहा कि उसकी सहायक कंपनियों और ज्वाइंट वेंचर्स में हिस्सेदारी के मूल्यांकन के लिए निदेशकों की विशेष समिति ने इंडस टावर्स में 27 मिलियन इक्विटी हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। एयरटेल के मुताबिक कंपनी की इंडस में 47.95% हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी अब बढ़कर 48.95% हो गई है। इंडस टावर्स में वोडाफोन की हिस्सेदारी के इच्छुक खरीदारों में निजी इक्विटी फर्म स्क्वेयर्ड कैपिटल और स्टोनपीक भी शामिल थीं।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट
वोडाफोन समूह ने पहले 2022 में अपनी तत्कालीन 28% हिस्सेदारी बेचने के इरादे की घोषणा की थी। इसका लक्ष्य अपने भारी-भरकम $42.17 बिलियन के शुद्ध ऋण को कम करना था। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने नोट में कहा है कि नई बिक्री से पर्याप्त कैश फ्लो जनरेट हो सकता है। ब्रोकरेज ने इसका अनुमान $2.3 बिलियन लगाया है। इससे इंडस टावर्स सहित विक्रेताओं को त्वरित ऋण भुगतान की सुविधा मिलेगी और भारतीय टावर कंपनी के शेयरधारकों के लिए एक विशेष लाभांश भी प्राप्त हो सकता है।

