रांची/कोडरमा. झारखंड के कोडरमा संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार सांसद चुने जाने पर अन्नपूर्णा देवी को केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी गयी है. ऐसे में उम्मीद जतायी जा रही है कि किसी जमाने में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की कभी करीबी रहीं अन्नपूर्णा देवी के दोबारा मंत्री बनने से कोडरमा समेत पूरे झारखंड के विकास में तेजी आएगी. 2019 के बाद अब 2024 में भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने पर कोडरमा समेत राज्यभर में उत्साह का माहौल है.
दरअसल झारखंड राज्य से इस बार मोदी कैबिनेट में दो चेहरों को जगह दी गयी है.मोदी कैबिनेट में इस बार रांची सांसद संजय सेठ और कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी को जगह मिली है. 2019 में बीजेपी के टिकट पर सांसद बनने से पहले अन्नपूर्णा देवी झारखंड में राजद की तेज तर्रार नेता रह चुकी हैं. पति रमेश प्रसाद यादव के निधन के बाद साल 1998 में कोडरमा से विधानसभा का उपचुनाव लड़कर वह पहली बार विधायक बनीं. अन्नपूर्णा देवी के राजनीतिक करियर में लालू प्रसाद की भूमिका को सबसे बड़ी रही है.
लालू यादव के कहने पर राजनीति में एंट्री
ऐसा माना जाता है कि अन्नपूर्णा देवी पति के निधन पर राजनीति में आने को तैयार नहीं थीं. लेकिन, लालू प्रसाद के कहने पर उन्होंने राजनीति में आना स्वीकार किया. अन्नपूर्णा देवी 1998 से 2019 तक यानि करीब 20 साल तक राजद में रहीं. बतौर राजद नेत्री उपचुनाव जीतने के बाद विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की और बिहार में खान भूतत्व राज्यमंत्री की जिम्मेदारी को उन्होंने संभाला. इसके बाद 2005 और 2009 विधानसभा में भी उन्होंने जीत हासिल की. 2013 में हेमंत सोरेन सरकार में उनको जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी मिली. लेकिन, 2014 के विधानसभा में उन्हें हार मिली.
पहले कार्यकाल में थीं शिक्षा राज्य मंत्री
कोडरमा संसदीय क्षेत्र से अन्नूपूर्णा देवी यादव समाज का एक बड़ा चेहरा हैं. एकीकृत बिहार के समय से राजनीति में उतरीं अन्नपूर्णा देवी की पूरे कोडरमा क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है. खासकर यादव समाज में उनका बड़ा वोट बैंक माना जाता है. 2019 में अन्नपूर्णा देवी की राजनीतिक धारा की दिशा और दशा दोनों बदल गयी. 2019 लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की. वह मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में शिक्षा राज्य मंत्री थी. वह बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं.
अन्नपूर्णा देवी का राजनीतिक सफर
पति रमेश प्रसाद यादव की मौत के बाद राजनीति में आने वाली अन्नपूर्णा देवी ने गृहिणी से विधायक, मंत्री, सांसद और केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया है. कोडरमा विधानसभा और लोकसभा दोनों का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हैं. बिहार सरकार में मंत्री रहीं. झारखंड सरकार में मंत्री रहीं और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में भी मंत्री बनीं. अन्नपूर्णा देवी यादव ने 2019 का लोकसभा चुनाव झारखंड की कोडरमा सीट से लड़ा और जीत दर्ज की. 2019 से पहले वह लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता पार्टी में थीं. इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गई. अन्नपूर्णा देवी ने 1998 में अपने पति एकीकृत बिहार के मंत्री रहे रमेश प्रसाद यादव की मौत के बाद राजनीति में प्रवेश किया था. 1998 में उन्होंने पहली बार विधानसभा का उपचुनाव लड़ा. इसके बाद उन्होंने 2000, 2005 और 2009 में विधानसभा का चुनाव जीता. उनके पति रमेश प्रसाद यादव वर्ष 1990 से 98 तक कोडरमा के विधायक रहे थें.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2024, 14:57 IST


