- Hindi News
- National
- Jammu Kashmir Terrorist Attack Eyewitness; Vaishno Devi Devotees Bus | Reasi News
श्रीनगर1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

रात 8:10 बजे तक स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। रविवार शाम से शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन सोमवार सुबह भी जारी है।
जम्मू-कश्मीर के रियासी में आतंकियों ने श्रद्धालुओं को ले जा रही बस पर रविवार शाम को मोदी के शपथ ग्रहण से एक घंटा पहले सवा 6 बजे हमला किया। इसमें ड्राइवर और कंडक्टर समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 लोग घायल हो गए।
रियासी की SSP मोहिता शर्मा के मुताबिक, आतंकियों ने कंदा इलाके में शिव खोड़ी से कटरा जा रही बस पर ओपन फायर किया, जिसमें ड्राइवर घायल हुआ और उसका बस से कंट्रोल खो गया। इसके चलते 53 सीटर बस खाई में गिरी। चश्मदीदों के मुताबिक, घटनास्थल पर 2 आतंकी थे।
मोहिता शर्मा ने आगे कहा कि आतंकवादी हाईवे पर बस का इंतजार कर रहे थे। ऐसा लग रहा है कि उन्होंने इस बस को इसलिए निशाना बनाया है कि इसमें यात्री जम्मू-कश्मीर के बाहर के थे। माना जा रहा है कि इस घटना के पीछ पाक के आतंकी संगठन हैं।
घायल यात्री संतोष कुमार ने बताया कि आतंकियों ने सेना जैसी वर्दी पहनी थी। उन्होंने लाल कपड़े से मुंह बांध रखा था। बस जैसे ही मोड़ पर आई, अचानक गोलियां चलने लगीं। बस के खाई में गिरने से पहले आतंकियों ने 25 से 30 गोलियां चलाई थीं।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को जम्मू-कश्मीर के LG ने 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि भी दी जाएगी। घायलों की मदद के लिए घटनास्थल के पास ही कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
मौके पर पुलिस, आर्मी और CRPF की एक संयुक्त अस्थाई सुरक्षाबल टीम तैयार कर हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। सर्च ऑपरेशन के लिए अलग से 5 टीमें भी बनाई गई हैं। NIA की टीम भी जांच के लिए घटनास्थल पहुंच गई है।
हमले और सर्च ऑपरेशन की तस्वीरें

हमले में मारे गए लोगों के शव घटनास्थल पर बिखरे पड़े हैं। स्थानीय लोगों ने घायलों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

हमले में ड्राइवर घायल हो गया और उसका बस से नियंत्रण खो गया, जिससे बस खाई में गिर गई।

तस्वीर बस के खाई में गिरने के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की है।

आतंकियों ने बस पर ओपन फायर किया था। घटनास्थल पर गोलियों के कार्ट्रिज बरामद हुए हैं।

सोमवार सुबह सबूत जुटाने के लिए FSL की टीम खाई में नीचे उतरी।

सेना के जवान आतंकियों को ढूंढने के लिए जंगल और खाई में उतरे।

सेना के अधिकारी इलाके की निगरानी हेलिकॉप्टर से भी कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक कुछ संदिग्ध नहीं दिखा है।

सर्च ऑपरेशन के लिए बनाई गई टीम ने हमलावरों को घने जंगल में ढूंढने के लिए ड्रोन का सहारा लिया।

तीर्थयात्रियों की इसी बस पर आतंकी हमला हुआ था। ये फुटेज हमले के पहले की है।
बस गिरने के बाद भी आतंकी गोली चलाते रहे आतंकी
घायल हुए एक यात्री ने सोमवार को घटना को लेकर पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा- मैं दर्शन के लिए गया था। कुछ लोगों ने फायरिंग की। इसके बाद बस खाई में गिरी। कई लोग मेरे सामने घायल हुए। मेरे ख्याल से वहां 2-3 लोग थे। मेरे बेटे ने एक शख्स को देखा था जो बस पर पीछे से हमला कर रहा था। वहीं, एक अन्य यानी ने बताया कि आतंकी बस के गिरने के बाद भी गोलियां चलाते रहे थे। बस शाम को 4 बजे चलनी थी, लेकिन 5:30 बजे चली।
मरने वालों में 2 साल का बच्चा भी शामिल
जान गंवाने वाले 9 लोगों में बस के ड्राइवर विजय कुमार भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने सबसे पहले उन्हें ही निशाना बनाया था। वे रियासी जिले के ही रहने वाले थे। इसके अलावा कटरा के रहने वाले बस कंडक्टर अरुण कुमार की भी मौत हुई है।
इनके अलावा जयपुर के रहने वाले राजेंद्र सैनी (42), उनकी पत्नी ममता सैनी (40), राजेंद्र के बड़े भाई ओमप्रकाश की बेटी पूजा सैनी (30) और पूजा के बेटे लिवांश उर्फ किट्टू (2) की भी मौत हुई है। ये सभी एक ही परिवार के थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रहने वाले रूबी, अनुराग और दिल्ली निवासी सौरभ गुप्ता की भी मौत हुई है।
3 दशक में दूसरी बार ऐसा हमला
जम्मू-कश्मीर में ऐसा हमला तीन दशक में दूसरी बार है। इससे पहले, 10 जुलाई 2017 में अनंतनाग में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा के दौरान बस पर गोलियां बरसाईं थीं। इसमें 7 श्रद्धालुओं की जान गई थी। वहीं, 19 घायल हुए थे।

जम्मू कश्मीर के एलजी वीके सिन्हा ने सोमवार को घायलों से अस्पताल में मुलाकात की।
खड़गे बोले- घाटी में शांति के मोदी के दावे खोखले
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रियासी में हुई घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी NDA सरकार शपथ ले रही थी और कई देशों के प्रमुख देश में है, तब श्रद्धालुओं से भरी एक बस पर आतंकी हमला हुआ है। इसमें 10 लोगों की जान चली गई।
तीन हफ्ते पहले ही पहलगाम में एक टूरिस्ट बस पर आतंकियों ने हमला किया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले लगातार जारी हैं। घाटी में शांति और स्थिरता लाने की नरेंद्र मोदी सरकार (अब NDA सरकार) के दावे खोखले हैं।
शाह बोले- हमले के दोषी नहीं बख्शे जाएंगे
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट कर कहा श्रद्धालुओं पर हमले के दोषी किसी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे। उन्हें अंजाम भुगतना होगा। स्थानीय प्रशासन मदद देने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। मेरी संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है।
रक्षा विशेषज्ञ बोले- कश्मीर की शांति खत्म करना चाहता है पाक
रक्षा विशेषज्ञ हेमंत महाजन ने कहा कि शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों को बुलाया गया है। ऐसे समय पर हमले का मतलब साफ है। कश्मीर की शांति खत्म करनी है। पर्यटन, रोजगार, कारोबार सब खत्म करने का इरादा है।
जम्मू-कश्मीर के LG बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया है और मुझे निर्देश दिया है कि हालात पर नजर रखूं। इस हरकत के पीछे जो भी लोग होंगे उन्हें जल्द से जल्द सजा दी जाएगी। PM मोदी ने सभी घायलों को स्वास्थ्य सेवा और मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

रियासी में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है।
हुर्रियत नेताओं ने हमले की निंदा की
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने सोमवार को एक स्टेटमेंट जारी कर घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि मानवता पर हिंसक हमलों की हुर्रियत हमेशा निंदा करता रहेगा। यह हमला विचलित करने वाला है। जान गंवाने वालों के परिवारवालों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की हम कामना करते हैं।
इंटेलिजेंस के मुताबिक, 250-300 आतंकी भारत में घुसपैठ को तैयार
16 दिसंबर 2023 को BSF के एक सीनियर अफसर ने इंटेलिजेंस के हवाले से जानकारी दी थी कि पाकिस्तान सीमा में 250 से 300 आतंकी लॉन्चपैड पर हैं। ये जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में हैं। अफसर ने बताया कि सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है। सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी जाएगी।
बीएसएफ के आईजी अशोक यादव ने पुलवामा में बताया कि आतंकी गतिविधियों को देखते हुए हम (बीएसएफ) और सेना संवेदनशील इलाकों पर नजर रखे हुए हैं और सतर्क हैं। पिछले कुछ सालों में सुरक्षाबलों और कश्मीर के लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ा है। अगर लोग हमारा सहयोग करें तो हम विकास के कामों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
यह खबर भी पढ़ें…
यूपी के 22 तीर्थयात्रियों की जम्मू में मौत:150 फीट गहरी खाई में गिरी बस, हाथरस-अलीगढ़ से शिव खोड़ी जा रहे थे

30 मई को यूपी से जा रही बस जम्मू के अखनूर में 150 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 69 लोग घायल हुए। उन्हें अखनूर के अस्पताल ले जाया गया। गंभीर घायलों को जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
हादसा जम्मू-पुंछ राजमार्ग पर हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस में उत्तर प्रदेश के हाथरस, अलीगढ़ के अलावा राजस्थान के करीब 90 लोग सवार थे। सभी हाथरस के बस (UP 86 EC 4078) से शिव खोड़ी जा रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

