Small Savings Schemes: सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि जैसी छोटी बचत योजनाओं में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, जुलाई से सितंबर तक की तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर में बदलाव की उम्मीद है। बता दें कि जून महीने के आखिरी हफ्ते में अगली तिमाही के लिए इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा होती है और बदलाव को लागू किया जाता है।
अप्रैल-जून तिमाही के लिए बदलाव नहीं
बता दें कि सरकार ने एक अप्रैल, 2024 से शुरू हुए वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए विभिन्न छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, इस बार माना जा रहा है कि सरकार कुछ योजनाओं में बदलाव पर विचार कर सकती है।
किस योजना की कितनी है ब्याज दर
सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर पहले की ही तरह 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा राशि पर 8.2 प्रतिशत का ब्याज मिलता है, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज 7.1 प्रतिशत मिल रहा। किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत है और यह निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर एक अप्रैल से 30 जून, 2024 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत है। मासिक आय योजना के लिए ब्याज दर चालू तिमाही की तरह 7.4 प्रतिशत है।
आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया बदलाव
हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट पर फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने लगातार आठवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.5 प्रतिशत पर कायम रखा। इसके साथ स्थायी जमा सुविधा 6.25 प्रतिशत, सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर 6.75 प्रतिशत पर कायम है। बता दें कि रेपो वह ब्याज दर है, जिसपर कॉमर्शियल बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं।

