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क्या अब यूक्रेन पर आर-पार की जंग चाहते हैं पुतिन? उत्तर कोरिया से पहुंचे वियतनाम – India TV Hindi

उत्तर कोरिया के बाद वियतनाम में पहुंचे पुतिन का हुआ जोरदार स्वागत। - India TV Hindi

Image Source : PTI
उत्तर कोरिया के बाद वियतनाम में पहुंचे पुतिन का हुआ जोरदार स्वागत।

हनोईः यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब पूरी तरह आर-पार के मूड में दिख रहे हैं। तभी वह 24 साल बाद उत्तर कोरिया में पहुंचकर किम जोंग से कई बड़ी सामरिक और रणनीतिक साझीदारी करने के बाद अब अपने बरसों पुराने साझेदार वियतनाम के द्वार पहुंच चुके हैं। पुतिन वियतनाम के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए बृहस्पतिवार को यहां राजकीय दौरे पर पहुंचे हैं। पुतिन के यहां पहुंचने पर उनका स्वागत गणमान्य व्यक्तियों ने किया। पुतिन के स्वागत में सफेद पोशाक पहने सैनिक सावधान मुद्रा में खड़े हुए दिखाई दिये। पुतिन उत्तर कोरिया से सीधे यहां पहुंचे हैं।

पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत युद्ध की स्थिति में दोनों देशों ने एक-दूसरे की बिना किसी विलंब के सहायता का संकल्प लिया है। इस समझौते को शीत युद्ध की समाप्ति की बाद से मास्को और प्योंगयांग के बीच सबसे ज्यादा प्रभावी समझौता माना जा रहा है। दोनों ही देश पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते गतिरोध का सामना कर रहे हैं। हनोई में रूसी नेता वियतनाम के सबसे शक्तिशाली राजनेता और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव गुयेन फू ट्रोंग, नये राष्ट्रपति टो लैम और अन्य अधिकारियों से मिलेंगे। देश में अमेरिकी दूतावास ने पुतिन की इस यात्रा की तीखी आलोचना की है।

6 वर्ष बाद वियतनाम की यात्रा पर पुतिन

पुतिन ने इससे पहले वर्ष 2017 में वियतनाम की यात्रा की थी। उनके पिछले दौरे के बाद से बहुत अब यहां कुछ बदल गया है। मगर रूस के प्रति वियतनाम का संबंध नहीं बदला है। पुतिन उन संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं। यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने वर्ष 2023 में युद्ध अपराधों के लिए पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हालांकि क्रेमलिन ने इसे अमान्य करार देते हुए खारिज कर दिया था और इस बात पर जोर दिया था कि मास्को न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता है।

सिंगापुर के आईएसईएएस-यूसुफ इशाक इंस्टीट्यूट के विश्लेषक गुयेन खाक जियांग ने कहा कि पुतिन का हालिया चीन, उत्तर कोरिया और अब वियतनाम दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके रूस को नयी दिशा देने का प्रयास है। (एपी) 

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