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टाटा पंच भारत की सबसे सेफ इलेक्ट्रिक कार: भारत-NCAP क्रैश टेस्ट में बच्चों की सेफ्टी के लिए 45 पॉइंट मिले, नेक्सॉन ईवी को भी 5-स्टार

पुणे4 दिन पहले

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टाटा पंच ईवी भारत की सबसे सेफ इलेक्ट्रिक कार बन गई है। उसे भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP या भारत NCAP) से क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। क्रैश टेस्ट में कार ने एडल्ट सेफ्टी के लिए 32 में से 31.46 और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 49 में से 45 पॉइंट हासिल किए।

खास बात ये है कि ये कार 4 मीटर से कम रेंज में भारत की सबसे सस्ती और छोटी इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे कंपनी ने इस साल जनवरी में लॉन्च किया था। वहीं टाटा नेक्सॉन को भी क्रेश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। कार ने एडल्ट सेफ्टी के लिए 32 में से 29.86 और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 49 में से 44.54 पॉइंट हासिल किए।

भारत एनकैप में टाटा पंच ईवी का क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में टाटा पंच ईवी का क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में टाटा नेक्सॉन ईवी का क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में टाटा नेक्सॉन ईवी का क्रैश टेस्ट।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टाटा के अधिकारियों को सेफ्टी रेटिंग का सर्टिफिकेट सौंपा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टाटा के अधिकारियों को सेफ्टी रेटिंग का सर्टिफिकेट सौंपा।

भारत NCAP ने पहली बार इलेक्ट्रिक कार का क्रैश टेस्ट किया
भारत NCAP ने हाल ही में दोनों कारों का क्रैश टेस्ट किया था, जिसकी रिपोर्ट आज (गुरुवार, 13 जून) जारी की। यह पहली बार है, जब भारतीय एजेंसी ने इलेक्ट्रिक गाड़ी का क्रैश टेस्ट किया। इस लिहाज से टाटा पंच क्रैश टेस्ट में हिस्सा लेने वाली देश की पहली इलेक्ट्रिक कार बन गई है।

वहीं, पंच ईवी टाटा की सबसे ज्यादा स्कोरिंग पाने वाली पहली कार भी बनी है, जिसे हैरियर और सफारी से ज्यादा स्कोर मिला है। एडल्ट प्रोटेक्शन और चाइल्ड प्रोटेक्शन कैटेगरी में इसे 5 स्टार रेटिंग मिली है, जो कि सभी वैरिएंट्स पर लागू है।

केंद्रीय सड़क-परिवहन राज्यमंत्री नितिन गडकरी ने 22 अगस्त 2023 को दिल्ली में हुए इवेंट में BNCAP को लॉन्च किया था। इसके बाद 18 सितंबर, 2023 को पुणे के चाकन स्थित केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) में कमांड और कंट्रोल सेंटर की ओपनिंग की थी।

टाटा पंच : एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट

  1. फ्रंटल इंपैक्ट- 64kmph की स्पीड में हुए फ्रंटल इंपैक्ट टेस्ट में पंच ईवी को 16 में से 15.71 अंक मिले। इसमें ड्राइवर और पैसेंजर के सिर और गर्दन की प्रोटेक्शन को सेफ पाया गया। वहीं, ड्राइवर के चेस्ट की सेफ्टी अच्छी तो पैसेंजर की छाती की सेफ्टी पर्याप्त मिली। टेस्ट में ड्राइवर और पैसेंजर की जांघ को काफी अच्छी सेफ्टी मिली तो वहीं पैसेंजर की पैर की हड्डी को अच्छी सेफ्टी मिली तो ड्राइवर की पैर की हड्डी की सेफ्टी पर्याप्त पाई गई। इसमें ड्राइवर के पैर की प्रोटेक्शन भी अच्छी पाई गई।
  2. साइड इंपैक्ट टेस्ट – ईवी का 50kmph की स्पीड से साइड इंपैक्ट टेस्ट किया गया, जिसमें इसे 16 में से 15.74 अंक मिले। इसमें ड्राइवर के सिर,कमर और कूल्हों की प्रोटेक्शन काफी सेफ पाई गई, तो वहीं ड्राइवर की छाती की सुरक्षा को पर्याप्त पाया गया।
  3. साइड पोल टेस्ट – इस टेस्ट में ड्राइवर के सिर, छाती, कमर और कूल्हों की सेफ्टी को अच्छा पाया गया। इन तीनों टेस्ट की परफॉर्मेंस के बेस पर पंच ईवी को एडल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 32 में से 31.46 पॉइन्ट और 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग दी गई।

टाटा पंच : चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट
इस टेस्ट में 18 महीने और एक 3 साल के बच्चे की डमी को चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम पर उल्टी दिशा की तरफ रखा गया। पंच ईवी को चाइल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 49 में से 45 पॉइन्ट्स मिले जो इस कैटेगरी में 5 स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग लाने के लिए काफी हैं। हालांकि, प्रोटेक्शन के लेवल्स की जानकारी तो शेयर नहीं की है।

टाटा नेक्सॉन ईवी : एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट

  1. फ्रंटल इंपैक्ट – फ्रंटल इंपेक्ट टेस्ट 64kmph की रफ्तार पर किया गया, जिसमें फ्रंट सीट पर बैठे एडल्ट पैसेंजर की प्रोटेक्शन के लिए नेक्सॉन ईवी को 16 में से 14.26 अंक मिले। नेक्सॉन ईवी को ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर के सिर और गर्दन की सुरक्षा के लिए अच्छा बताया गया है। हालांकि ड्राइवर की छाती की सुरक्षा को संतोषजनक बताया गया, जबकि पैसेंजर की छाती का प्रोटेक्शन अच्छा था। वहीं ड्राइवर और पैसेंजर की थाई और पेल्सिव का प्रोटेक्शन अच्छा बताया गया।
  2. साइड इंपैक्ट टेस्ट – कार का 50kmph की रफ्तार से साइड इंपेक्ट टेस्ट किया गया तो इसे ड्राइवर के सिर, छाती, पेट और हिप के प्रोटेक्शन के लिए अच्छा स्कोर मिला। वहीं पैसेंजर के छाती का प्रोडक्शन पर्याप्त बताया गया।
  3. साइड पोल टेस्ट – साइड पोल टेस्ट का रिजल्ट करीब साइड इंपेक्ट टेस्ट जैसा ही था, हालांकि इसमें अन्य बॉडी पार्ट्स की तरह छाती का प्रोटेक्शन भी अच्छा बताया गया। इन तीनों टेस्ट की परफॉर्मेंस के बेस बेस पर नेक्सॉन ईवी को एडल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 32 में से 29.86 अंक मिले। यह स्कोर 5-स्टार रेटिंग के लिए पर्याप्त था, लेकिन यह BNCAP की ओर से टाटा कारों पर किए गए एडल्ट पैसेंजर प्रोटेक्शन के लिए सबसे कम था। BNCAP ने नेक्सॉन इलेक्ट्रिक टॉप मॉडल एम्पावर्ड+ लॉन्ग रेंज का टेस्ट किया है, लेकिन इसके परिणाम सभी वैरिएंट्स पर लागू होंगे।

टाटा नेक्सॉन : चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट
चाइल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में भी ये कार 5 स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग लेकर आई है। इसे क्रैश टेस्ट में 49 में से 44.95 पॉइंट मिले। टाटा नेक्सॉन ईवी में पंच ईवी की तरह रियर फेसिंग चाइल्ड सीट इंस्टॉल की गई थी। इसमें भी पंच ईवी की तरह प्रोटेक्शन के लेवल्स की जानकारी तो शेयर नहीं की गई है।

टेस्टेड मॉडल में 6 एयरबैग, ABS और EBD जैसे सेफ्टी फीचर्स
पंच इलेक्ट्रिक कार में 6 एयरबैग, EBD के साथ ABS, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल होल्ड असिस्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), रियर पार्किंग सेंसर और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसके टॉप वैरिएंट्स में ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, रेन सेंसिंग वाइपर और ब्लाइंड व्यू मॉनिटर वाला 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

वहीं, नेक्सॉन इलेक्ट्रिक SUV में ईवी में 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), ब्रेक असिस्ट और रियर पार्किंग सेंसर के साथ रिवर्स कैमरा जैसे सेफ्टी फीचर स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसके टॉप लाइन वैरिएंट्स में 360 डिग्री कैमरा, रियर डिस्क ब्रेक, फ्रंट पार्किंग सेंसर और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे फीचर भी दिए गए हैं।

टाटा पंच ईवी और नेक्सॉन ईवी : प्राइस
टाटा पंच ईवी 25kWh और 35kWh के दो बैटरी बैक ऑप्शन के साथ आती है। इस टेस्ट में इसके 35kWh वाले वर्जन का इस्तेमाल किया गया। ये कार तीन वैरिएंट्स: स्मार्ट, एडवेंचर और एम्पावर्ड में अवेलेबल है, जिसकी एक्सशोरूम कीमत 10.99 लाख रुपए से लेकर 15.49 लाख रुपए के बीच है। पंच ईवी का मुकाबला सिट्रोएन EC3 से है।

वहीं, टाटा नेक्सन ईवी 30kWh और 40.5kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ आती है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 14.49 लाख रुपए से 19.49 लाख रुपए के बीच है। इसका मुकाबला महिंद्रा XUV400 EV, हुंडई कोना इलेक्ट्रिक और MG ZS EV से है।

क्रैश टेस्ट की प्रोसेस

1. टेस्ट के लिए इंसान जैसी 4 से 5 डमी को कार में बैठाया जाता है। बैक सीट पर बच्चे की डमी होती है, जो चाइल्ड ISOFIX एंकर सीट पर फिक्स की जाती है।2. गाड़ी को फिक्स्ड स्पीड पर ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर (हार्ड ऑब्जेक्ट) से टकराकर देखा जाता है कि गाड़ी और डमी को कितना नुकसान पहुंचा है। ये तीन तरीके से किया जाता है।

  • फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में कार को 64 kmph की रफ्तार पर बैरियर से टकराया जाता है।
  • साइड इम्पैक्ट टेस्ट में गाड़ी को 50 kmph की स्पीड पर बैरियर से टकराया जाता है।
  • पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट में कार को फिक्स स्पीड पर पोल से टकराकर देखा जाएगा। पहले दो टेस्ट में कार के 3 स्टार रेटिंग हासिल करने पर तीसरा टेस्ट किया जाता है।

2. टेस्ट में देखा जाता है कि इम्पैक्ट के बाद डमी कितनी डैमेज हुई, एयरबैग और सेफ्टी फीचर्स ने काम किया या नहीं। इन सभी के आधार पर रेटिंग दी जाती है।

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