Sign Up to Our Newsletter

Be the first to know the latest updates

जन जन की आवाज 
जन जन की आवाज 
देश

तमिलनाडु शराब कांड में मरने वालों का आंकड़ा 50 पहुंचा: इनमें 3 महिलाएं और एक ट्रांसजेंडर; अलग-अलग अस्पतालों में करीब 135 लोग भर्ती

चेन्नई2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
तस्वीर कल्लाकुरिची के सरकारी अस्पताल की है, जहां इमरजेंसी डिपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी और अन्य लोग खड़े हैं। यहां शराब पीने से बीमार पड़े लोग भर्ती हैं। - Dainik Bhaskar

तस्वीर कल्लाकुरिची के सरकारी अस्पताल की है, जहां इमरजेंसी डिपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी और अन्य लोग खड़े हैं। यहां शराब पीने से बीमार पड़े लोग भर्ती हैं।

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 50 हो गया है। इनमें तीन महिलाएं और एक ट्रांसजेंडर भी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता सुब्रमण्यम मा ने शुक्रवार (21 जून को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अब तक 185 लोगों को कल्लाकुरिची अस्पताल, पुडुचेरी में JIPMER अस्पताल, सलेम सरकारी अस्पताल और विलुप्पुरम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 135 लोगों का इलाज चल रहा है। 30 लोगों की हालत गंभीर है।

तमिलनाडु में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला 19 जून की दोपहर से शुरू हुआ था। इनमें पहले दिन 34 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 24 तो एक ही गांव करुणापुरम के थे। 20 जून को सभी मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। 21 जून को मृतकों का आंकड़ा 47 पहुंच गया था।

जहरीली शराब पीने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज के पास खड़े परिवार के लोग।

जहरीली शराब पीने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज के पास खड़े परिवार के लोग।

सरकारी अस्पताल में जहरीली शराब त्रासदी के पीड़ितों के परिवार के सदस्य।

सरकारी अस्पताल में जहरीली शराब त्रासदी के पीड़ितों के परिवार के सदस्य।

कल्लाकुरिची में शराब पीने से मरने वाले लोगों के शवों के पास विलाप करते उनके परिजन।

कल्लाकुरिची में शराब पीने से मरने वाले लोगों के शवों के पास विलाप करते उनके परिजन।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई
इधर, जहरीली शराब कांड को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को फटकार लगाई। जस्टिस डी कृष्णकुमार और जस्टिस के कुमारेश बाबू की डिवीजन बेंच ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार जहरीली शराब से होने वाली मौतों को रोकने में विफल रही है।

कोर्ट ने कहा कि उसने इस त्रासदी से पहले भी कल्लाकुरिची में बेचे जा रहे अवैध शराब के संबंध में एक समाचार रिपोर्ट पढ़ी थी। यहां तक ​​कि कुछ यूट्यूबर्स ने भी इसके बारे में बात की थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर मई में तमिलनाडु सरकार को नोटिस भी जारी किया था।

कोर्ट ने कहा कि यह मामला लोगों के जीवन से जुड़ा है। इसलिए अदालत जानना चाहती है कि अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने क्या कार्रवाई की और कितने मामले दर्ज किए गए। इस संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 26 जून को होगी।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Our expertise, as well as our passion for web design, sets us apart from other agencies.

Get Latest Updates and big deals

    Our expertise, as well as our passion for web design, sets us apart from other agencies.

    Khabar Today News @2024. All Rights Reserved.

    Designed & Developed by Aurelius Infotech.