राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण(एनसीएलटी) ने बंद हो चुकी विमानन कंपनी गो फर्स्ट को दिवाला प्रक्रिया पूरी करने के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। यह कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) को पूरा करने के लिए गो फर्स्ट को दिया गया चौथा विस्तार है। इससे पहले दिवाला अधिकरण ने आठ अप्रैल को 60 दिन का विस्तार दिया था जो तीन जून 2024 को समाप्त हो गया था। गो फर्स्ट को अब तीन अगस्त 2024 तक की मोहलत दी गई है। बता दें कि कंपनी खरीदार खोजने के लिए संघर्ष कर रही है।
NCLT पीठ ने लगाई कड़ी फटकार
दिल्ली स्थित NCLT पीठ ने विस्तार देते हुए कहा कि यह अंतिम विस्तार है। दो सदस्यीय पीठ ने विस्तार की मांग करने पर समाधान पेशेवर को कड़ी फटकार लगाई। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) की ओर से पेश हुए वकील ने अधिकरण को सूचित किया कि वे यह विस्तार दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले के बाद उत्पन्न असाधारण स्थिति के कारण मांग रहे हैं, जिसमें डीजीसीए को उसके सभी 54 विमान का पंजीकरण रद्द करने को कहा गया था। आरपी के अनुसार, जिन लोगों ने एयरलाइन खरीदने में रुचि दिखाई है उन्होंने अपने प्रस्तावों को संशोधित कर दिया है और ऋणदाताओं को अभी उन पर विचार करना है। इसलिए 60 दिन का विस्तार आवश्यक है।
क्या है नियम
दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के अनुसार सीआईआरपी को 330 दिन के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। इसमें मुकदमेबाजी के दौरान लगने वाला समय भी शामिल है। संहिता की धारा 12(1) के अनुसार सीआईआरपी को 180 दिन के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। बता दें कि गो फर्स्ट ने पिछले साल तीन मई को उड़ानों का संचालन बंद कर दिया था।
बिजी बी एयरवेज ने बोली वापस ली
हाल ही में यात्रा पोर्टल ईजमाईट्रिप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) निशांत पिट्टी ने बताया कि वे एयरलाइन की बोली प्रक्रिया से अपना नाम वापस ले रहे हैं। पिट्टी की अधिकांश हिस्सेदारी वाली बिजी बी एयरवेज ने फरवरी में स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह के साथ मिलकर गो फर्स्ट के लिए बोली लगाई थी।

