मुंबई24 मिनट पहले
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इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी आफ इंडिया यानी, IRDAI ने पेटीएम के जनरल इंश्योरेंस लाइसेंस की एप्लिकेशन को वापस लेने का आवेदन स्वीकार कर लिया है। कंपनी ने 13 जून को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।
पेटीएम अब आवेदन वापस लेने के बाद दूसरी बीमा कंपनियों के बीमा प्रोडक्ट के डिस्ट्रीब्यूशन पर फोकस करेगी। यानी, वो इन बीमा उत्पादों को अपने प्लेटफॉर्म पर बेचेगी। पेटीएम की ICICI लोम्बार्ड, न्यू इंडिया, टाटा AIG जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप है।
इस खबर के बाद आज पेटीएम के शेयर में 6% की तेजी है। ये 430 रुपए पर कारोबार कर रहा है। कंपनी का शेयर बीते 5 दिन में 22% चढ़ा है। हालांकि, पेटीएम पेमेंट बैंक पर RBI की रोक के कारण शेयर बीते 6 महीने में 28% गिरा है।
इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन को दोगुना करना चाहती है पेटीएम
पेटीएम ने कहा- यह कदम हेल्थ, लाइफ, मोटर, शॉप और गैजेट सेगमेंट में इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन को दोगुना करने की दिशा में हमारे फोकस के अनुरूप है। पेटीएम अपनी सहायक कंपनी पेटीएम इंश्योरेंस ब्रोकिंग के माध्यम से ये सर्विस देती है।
स्मॉल टिकट जनरल इंश्योरेंस पर फोकस कर रही कंपनी
पेटीएम ने कहा कि उसका लक्ष्य अपने पार्टनर्स के साथ स्मॉल टिकट जनरल इंश्योरेंस ऑफरिंग्स पर फोकस करके और पेटीएम के डिस्ट्रीब्यूशन की ताकत का इस्तेमाल कर कंज्यूमर्स के लिए स्मॉल टिकट इंश्योरेंस प्रोडक्ट को इनोवेट करना चाहता है।
इससे पहले कंपनी ने कहा था कि लाइसेंस एप्लिकेशन वापस लेने से मूल कंपनी को 950 करोड़ बचाने में मदद मिलेगी, जिसे PGIL में निवेश के लिए रखा गया था। PGIL ने कहा कि कंपनी जनरल इंश्योरेंस के लिए केवल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर काम करती रहेगी।
मई 2022 में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने लाइसेंस के लिए आवेदन करने की मंजूरी दी थी
मई 2022 में वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने PGIL में कंपनी की हिस्सेदारी 49% से बढ़ाकर 74% करने और उसके बाद जनरल इंश्योरेंस लाइसेंस के लिए आवेदन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाकी की हिस्सेदारी कंपनी के फाउंडर विजय शेखर शर्मा की ओनरशिप वाली VSS होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है।
पेटीएम का चौथी-तिमाही में घाटा 228% बढ़ा
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस को वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 550 करोड़ रुपए का लॉस हुआ है। पिछले वित्त वर्ष यानी 2022-23 की समान तिमाही में घाटा 167.5 करोड़ रुपए था। यानी, कंपनी का घाटा 228% बढ़ गया है।
कंपनी के रेवेन्यू यानी आय में भी गिरावट आई है। जनवरी-मार्च तिमाही में पेटीएम का ऑपरेशन से रेवेन्यू 2,267 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की समान तिमाही में रेवेन्यू 2,334 करोड़ रुपए था। यानी, चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 3% गिर गया।

वित्त वर्ष 2023-24 में 19% कम हुआ कंपनी का घाटा
पूरे वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो कंपनी का घाटा 2022-2023 की तुलना में कम हुआ है। 2023-24 में पेटीएम ने 1,422.4 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया। 2022-2023 में ये 1,776.5 करोड़ रुपए था। यानी, घाटे में 19% की कमी आई है।
वहीं पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है। 2023-24 में पेटीएम ने ऑपरेशन से 9,977.8 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया। 2022-2023 में ये 7,990.3 करोड़ रुपए था। यानी, रेवेन्यू में 24.9% की बढ़ोतरी हुई है।
