अरबपति अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज ब्लॉक डील के माध्यम से वेदांता लिमिटेड में 2.5% हिस्सेदारी या 9 करोड़ शेयर बेच सकती है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक वेदांता रिसोर्सेज लगभग 4,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए यह बिक्री करेगा। सूत्रों ने कहा कि यह डील किसी अंतरराष्ट्रीय बैंक द्वारा किए जाने की संभावना है। बता दें कि वेदांता लिमिटेड का प्रमोटर समूह वेदांता रिसोर्सेज है।
इस खबर के बीच वेदांता लिमिटेड के शेयर 469.95 रुपये पर बंद हुए। एक दिन पहले के मुकाबले शेयर में मामूली गिरावट देखने को मिली। वेदांता लिमिटेड के शेयर इस साल अब तक 83% बढ़ चुके हैं। वहीं इस साल अब तक सेंसेक्स में 7% की बढ़त हुई है।
वेदांता रिसोर्सेज की हिस्सेदारी
ब्रिटेन स्थित वेदांता रिसोर्सेज के पास छह सहायक कंपनियों के माध्यम से 31 मार्च, 2024 तक वेदांता लिमिटेड में 61.95% हिस्सेदारी थी। इससे पहले फरवरी में वेदांता रिसोर्सेज की सहायक फिनसाइडर इंटरनेशनल ने 1700 करोड़ रुपये में 6.55 करोड़ से अधिक वेदांता लिमिटेड के शेयर बेचे। ये शेयर 265.14 रुपये प्रति शेयर पर बेचे गए। तब से वेदांता के शेयरों में 77% की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी पर कर्ज
31 मार्च 2024 तक वेदांत समूह का नेट डेब्ट 12.35 बिलियन डॉलर था। इसमें से 49% रुपये में था और शेष विदेशी मुद्रा में था। FY22 और FY24 के बीच वेदांता ने डिविडेंड में 65,000 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए हैं। वेदांता रिसोर्सेज को डिविडेंड से लगभग 44,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिससे मूल कंपनी को इस अवधि के दौरान नेट डेब्ट 9.7 बिलियन डॉलर से घटाकर 6 बिलियन डॉलर करने में मदद मिली। इसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में कर्ज को कम करके 3 बिलियन डॉलर करना है।
एबिटा आय के लिए प्लान
वेदांता समूह ने निकट भविष्य में 10 अरब डॉलर की एबिटा आय के लिए एक रणनीतिक खाका तैयार किया है जिसमें जिंक, एल्युमीनियम, तेल एवं गैस और बिजली कारोबार सहित 50 से अधिक वृद्धि परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन शामिल है। वेदांता समूह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की हिस्सेदारी मार्च तिमाही के अंत में बढ़कर 8.77 प्रतिशत हो गई जबकि दिसंबर तिमाही में यह 7.74 प्रतिशत थी।

