मेरठ में मीडिया से बात करते पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम।
मुजफ्फरनगर में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के जयचंद वाले बयान पर पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने पलटवार किया। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा- मुझे ऐसे संस्कार नहीं मिले कि मैं जयचंद बनूं। संजीव बालियान अपने अहंकार की वजह से हारे
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मुजफ्फरनगर में चुनाव हारने के बाद संजीव बालियान ने सोमवार को मीडिया से बात की थी। इसमें उन्होंने संगीत सोम से जुड़े सवाल पर कहा था- शिखंडी ने छिपकर वार किया। जयचंदों का कुछ नहीं हो सकता।
संगीत बोले- मैं इतना बड़ा नेता नहीं कि घर बैठकर किसी को हरवा दूं
संगीत सोम ने कहा- भाजपा सरधना विधानसभा क्षेत्र से जीती है, लेकिन संजीव बालियान बुढ़ाना और चरथावल में हार गए। वो हमारे भाई हैं। आरोप लगाने से पहले डॉ. संजीव बालियान को अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए। मेरी जिम्मेदारी सरधना की थी। बुढ़ाना और चरथावल में बालियान क्यों हारे, वो तो उनके घर की सीटें हैं। मैं अकेला इतना बड़ा नेता नहीं हूं कि घर बैठकर एक मंत्री को हरा दूं।
उन्होंने कहा- उनके मन में कोई बात है तो उसे पार्टी फोरम में रखें न इस तरह मीडिया के सामने आएं। मुझे मीडिया के सामने इसलिए आना पड़ा, क्योंकि उन्होंने मेरा नाम लेकर बयान दिए। मैं बड़ा नेता नहीं, भाजपा का कार्यकर्ता हूं। मुझे सरधना की जिम्मेदारी मिली थी, उसे अच्छे से निभाया। मैं हाईकमान से यही कहना चाहूंगा कि पूरे मामले की जांच करवा लेनी चाहिए।

मेरठ में अपने आवास पर संगीत सोम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उन्होंने कहा- भाजपा में ऐसे संस्कार नहीं कि कोई किसी को हरवा दे।
वो कहते हैं, मैं विनाश की राजनीति करता हूं, ऐसा नहीं है
संजीव बालियान ने कहा, संगीत सोम विनाश की राजनीति करते हैं। मैं बता दूं कि विनाश की राजनीति नहीं करता हूं। विकास की राजनीति करता हूं। उसी का नतीजा है, हारने के बाद भी 2012 में डेढ़ गुना वोट मिले। 2017 में जितने वोट मुझे मिले, 2022 में उससे 10 हजार वोट ज्यादा मिले। अगर मैं विनाश की राजनीति करता, तो मेरा वोट ग्राफ बढ़ता नहीं।
संजीव बालियान को मेरी सलाह- घर की लड़ाई बाहर न ले जाएं
मैं 2022 में चुनाव हारा था। कारण जो भी रहे। मैंने पार्टी को अपनी बात बताई। पार्टी ने कहा, जांच की होगी। मैंने कभी हार का जिक्र मीडिया के सामने नहीं किया। मैं संजीव बालियान को भी यही सलाह देना चाहता हूं, घर की लड़ाई को बाहर नहीं ले जाना चाहिए। मैंने इतनी मेहनत की, हमने हर गांव में चुनाव जीतने के लिए काम किए। मैं पार्टी के लिए मेहनत करता हूं, वो हमेशा करता रहूंगा।
मैंने बात का पलटवार नहीं किया है। मुझे शेर याद आ रहा था तो मैंने वो कहा। शेर यही था- पत्थरों पर सिर पटकने के सिवा क्या मिलता है। एक समंदर को बिलखने से भला क्या मिलता है।

हिंदू वोटर्स के कम निकलने की वजह से हम हारे
उनसे पूछा गया, संजीव बालियान कह रहे कि आप सुरक्षा-सुविधाओं का फायदा ले रहे हैं। संगीत सोम ने कहा- सुरक्षा कोई सुविधा नहीं होती। वो तो विपक्ष के नेताओं को मिलती है। ठाकुरों की नाराजगी पर उन्होंने कहा- अगर आप ठाकुरों की नाराजगी की बात कर रहे हैं, तो बता दूं कि विपरीत परिस्थितियों के बाद भी हमने विधानसभा नहीं हारी।
उन्होंने कहा- मैं किसी से दुश्मनी नहीं करता। सपा के हरेंद्र मलिक भी मिलेंगे, तो हाथ मिला लूंगा। मेरी सबसे दोस्ती है। रहा सवाल हार का, तो उसके पीछे हिंदू वोटर्स का किसी कारण वश कम निकलना और बंट जाना, हार का बड़ा कारण है।
संगीत सोम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक प्रेस नोट बांटा गया। प्रेस नोट में बालियान पर करप्शन के आरोप लगाए गए थे। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान अकूत संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप लगाया गया। संगीत सोम के लेटर पैड से प्रेस नोट बांटे गए। बाद में संगीत ने कहा- ये प्रेस नोट हमारे नहीं हैं। जिस किसी ने बंटवाए हैं, उनका पता लगाया जाएगा। मैं मुकदमा करवाऊंगा।
संजीव बालियान ने गिनाए थे हार के 3 कारण
मुजफ्फरनगर सीट से 2 बार सांसद रहे संजीव बालियान अपनी हार के बाद दिल्ली चले गए थे। मुजफ्फरनगर लौटने के बाद पूरा लेखा-जोखा पब्लिक के सामने रखा। इस दौरान संजीव बालियान ने अपनी हार के 3 कारण गिनाए। उन्होंने कहा- मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण, हिंदू जातियों का आपस में बंटवारा और मतदान प्रतिशत में गिरावट की वजह से मुझे हार मिली। इसके साथ ही संजीव बालियान ने भीतरघात की भी बात की।
संजीव बालियान और संगीत सोम का विवाद कब और कहां से शुरू हुआ, ये जानिए…

यह 11 अप्रैल में मेरठ के सरधना में हुई सीएम योगी की जनसभा की तस्वीर है। तब आखिरी बार डॉ. संजीव बालियान और संगीत सोम साथ दिखे थे।
सोम के चुनाव हारने के बाद लगे थे संजीव पर आरोप
इस विवाद की शुरुआत 2022 के विधानसभा चुनाव से हुई। संगीत सोम को चुनाव हारने के बाद लगा कि उन्हें जाट वोट नहीं मिले। संगीत ने इसका ठीकरा संजीव बालियान पर फोड़ा। धीरे-धीरे ये विवाद बढ़ता गया।
लोकसभा चुनाव के दौरान विवाद खुलकर सामने आया। संगीत सोम ने संजीव बालियान को लेकर तरह-तरह के बयान दिए। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान खतौली के एक राजपूत बिरादरी के गांव में संजीव बालियान के काफिले पर हमला भी हुआ। षड्यंत्र का आरोप संगीत सोम पर लगा। संगीत का सपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक के साथ चुनाव प्रचार का एक वीडियो भी वायरल हुआ। अब लोकसभा रिजल्ट आने के बाद संजीव बालियान चुनाव हार गए। इस विवाद की वजह से राजपूत बिरादरी के वोट में बंटवारा हो गया।
मुजफ्फरनगर में 24 हजार वोट से मिली थी हार
इस चुनाव में मुजफ्फरनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार संजीव बालियान और सपा के उम्मीदवार हरेंद्र सिंह के बीच सियासी मुकाबला था। सपा नेता बाजी मार गए, हरेंद्र ने 24 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। सपा नेता हरेंद्र सिंह मलिक को 4.70 लाख वोट मिले, वहीं संजीव बालियान को 4.46 लाख वोट मिले थे।
सीएम योगी की जनसभा के बाद संगीत सोम ने दिया था विवादित बयान
मेरठ में 11 अप्रैल, 2024 को सीएम योगी की जनसभा के बाद संगीत सोम ने डॉ. संजीव बालियान को लेकर विवादित बयान दिया था। संगीत सोम ने कहा था- संजीव बालियान का मुझसे बात करने का स्तर नहीं है। उन्होंने कहा था- मेरा किसी से 36 से आंकड़ा नहीं। मैं विकास की राजनीति करता हूं, जातिवादी राजनीति नहीं करता। गुंडों को सहारा नहीं देता। संजीव बालियान गुंडे पालेंगे, लोगों के बीच नहीं जाएंगे। कहेंगे 2019 के बाद सबको देख लूंगा। लोगों से बदतमीजी करेंगे, लोगों को गाली देंगे। ये तो उन्हें बताना ही पड़ेगा कि वो कितनी विकास की राजनीति कर रहे? हम विकास की राजनीति करते हैं।
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केंद्रीय मंत्री रहे बालियान बोले-शिखंडी ने छिपकर वार किया:मुजफ्फरनगर में हार और संगीत सोम के सवाल पर कहा-जयचंद का कुछ नहीं हो सकता

मुजफ्फरनगर से चुनाव हारने के बाद भाजपा नेता संजीव बालियान ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- मुस्लिम मतदाताओं का ध्रुवीकरण और हिंदुओं का जातियों में बंट जाना, उनकी हार की प्रमुख वजह रही। जबकि हिंदुओं का वोट भी अपेक्षित अंदाज में नहीं पड़ा। शिखंडी ने इस बार भी छिपकर वार किया। वह हार गए हैं, इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार हैं। पढ़िए पूरी खबर…

