2 दिन पहले
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चीन पूरे साउथ चाइना सी को अपना हिस्सा बताता है। (फाइल)
चीन ने साउथ चाइना सी में अपने दबदबे को बढ़ाने के लिए नया मैरीटाइम कानून बनाया है। इसके मुताबिक अगर कोई भी विदेशी क्षेत्र में बिना इजाजत के घुसता है, तो चीन के कोस्ट गार्ड उसे हिरासत में ले सकते हैं। यह कानून आज से ही लागू हो गया है।
अलजजीरा के मुताबिक, दक्षिण चीन सागर में घुसपैठ के गंभीर मामलों में चीन आरोपी को 60 दिन तक बिना ट्रायल के हिरासत में रख सकेगा। दरअसल, चीन पूरे साउथ चाइना सी को अपना हिस्सा बताता है। जबकि साउथ एशिया के कई देश जैसे फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया भी इस पर अपना दावा करते हैं।

तस्वीर साउथ चाइना सी में तैनात चीनी कोस्टगार्ड वेसल की है। (फाइल)
साउथ चाइना सी में निगरानी करती हैं चीनी बोट्स
साउथ चाइना सी में विवाद को देखते हुए चीन ने इलाके में निगरानी के लिए अपनी कई बोट्स और कोस्टगार्ड को तैनात कर रखा है। पिछले कुछ सालों में क्षेत्र में फिलीपींस और चीन की वेसल की मौजूदगी को लेकर दोनों देशों में तनाव भी रहा है।
चीन के नए कानून पर फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्दिनांद मार्कोस ने कहा कि ये काफी चिंताजनक हैं। वहीं फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने UN में साउथ चाइना सी पर अपने दावे से जुड़े कानूनी दस्तावेज जमा किए है।
फिलीपींस बोला- मछुआरों को डरने की जरूरत नहीं
चीन के नए कानून के बाद फिलीपींस ने कहा है कि वे दक्षिण चीन सागर में अपने मछुआरों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। साथ ही उन्होंने मछुआरों से कहा है कि वे चीन के कानून से डरे बिना देश की समुद्री सीमा में अपना काम करते रह सकते हैं।
दरअसल, साउथ चाइना सी में मौजूद चीन के कोस्टगार्ड अक्सर फिलीपींस के वेसल पर वॉटर कैनन से पानी डालते रहते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प भी हुई है, जिसमें फिलीपींस के सैनिक घायल हो गए थे।
इससे पहले पिछले साल 22 अक्टूबर को चीन के एक कोस्ट गार्ड शिप ने फिलिपींस के कोस्ट गार्ड शिप को टक्कर मार दी थी। वहीं सितंबर में बीजिंग ने साउथ चाइना सी में फिलीपींस के मछली पकड़ने वाले जहाजों को रोकने के लिए स्कारबोरो शोल इलाके में फ्लोटिंग बैरियर लगाए थे। हालांकि, बाद में फिलीपींस ने इसे तोड़ दिया था।

फुटेज में चीन के कोस्ट गार्ड का जहाज वॉटर कैनन से दूसरे जहाज पर पानी डालता दिख रहा है। (ये विजुअल्स फिलीपींस ने साझा किए थे।)
पूरी साउथ चाइना सी पर चीन का दावा
चीन हमेशा से साउथ चाइना सी के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा करता रहा है। इसके लिए वो 5 छोटे देशों को अक्सर परेशान करता है। इनमें फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताईवान और ब्रुनेई शामिल हैं। ये सभी देश साउथ चाइना सी को अपना बताते हैं। चीन ने इस क्षेत्र में कई आर्टिफिशयल आईलैंड बना लिए हैं। इस क्षेत्र में चीन ने कई सैन्य ठिकाने भी तैयार कर लिए हैं।
साउथ चाइना सी में तेल और गैस का भंडार
- साउथ चाइना सी का लगभग 35 लाख स्क्वेयर किलोमीटर का एरिया विवादित है।
- अमेरिका के मुताबिक, इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।
- वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्योता दे चुका है।
- साउथ चाइना सी के रास्ते हर साल दुनिया में 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस होता है।
- चीन ने 2013 में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया था।


