नागपुर16 मिनट पहले
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नागपुर में RSS के कार्यकर्ता विकास वर्ग कार्यक्रम 10 जून को समापन दिवस था।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने मणिपुर में जारी हिंसा पर चिंता जताई। नागपुर में सोमवार (10 जून) को आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन समारोह में भागवत ने मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मणिपुर बीते एक साल से शांति की राह देख रहा है। बीते 10 साल से राज्य में शांति थी, लेकिन अचानक से वहां गन कल्चर बढ़ गया। जरूरी है कि यहां की समस्या को प्राथमिकता से सुलझाया जाए।
मोहन भागवत के भाषण की खास बातें
1. चुनाव में गलत बातों का प्रचार ठीक नहीं
चुनाव लोकतंत्र में हर पांच साल में होने वाली घटना है। हम अपना कर्तव्य करते रहते हैं। लोकमत हर चुनाव में करते हैं और इस बार भी किया है। चुनाव सहमति बनाने की प्रक्रिया है। संसद में किसी भी प्रश्न के दोनों पहलू सामने चुनाव ऐसी व्यवस्था हैं।
चुनाव प्रचार में जिस प्रकार एक दूसरे को नीचा दिखाना, तकनीकी का दुरुपयोग, असत्य प्रसारित किया जाता है ये ठीक नहीं है। प्रतिपक्ष को विरोधी नहीं कहना चाहिए। हमें चुनाव की बातों से हटकर देश की समस्याओं पर विचार करना होगा।
2. हमारी संस्क़ति में कोई समस्या नहीं, बस हम ही हैं, इस मानसिकता से हटना होगा

अभी चुनाव संपन्न हुए। उसके परिणाम भी आए। कल सरकार भी बन गई। सब हो गया, लेकिन उसकी चर्चा अभी तक चल रही है। जो हुआ वह क्यों हुआ, कैसे हुआ, क्या हुआ? यह अपने देश के प्रजातांत्रिक तंत्र में प्रति 5 साल में होने वाली घटना है। चुनाव के अपने नियम हैं। समाज ने अपना मत दे दिया, उसके अनुसार सब होगा। क्यों, कैसे, क्या हुआ इस चर्चा में नहीं पड़ते हैं।
बाहरी विचारधाराओं के साथ समस्या यह है कि वे खुद को सही होने का एकमात्र संरक्षक मानते हैं। भारत में जो धर्म और विचार आए, उनके भी कुछ लोग अलग-अलग कारणों से अनुयायी बन गए, लेकिन हमारी संस्कृति में इससे कोई समस्या नहीं है। हमें बस इस मानसिकता से छुटकारा पाना चाहिए कि सिर्फ हम ही सही हैं। बाकी लोग सही नहीं हो सकते।
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भागवत बोले- RSS हमेशा आरक्षण के पक्ष में:कुछ लोग झूठ फैला रहे

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार 28 अप्रैल को कहा कि संघ ने कभी भी कुछ खास वर्गों को दिए जाने वाले आरक्षण का विरोध नहीं किया है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि संघ का मानना है कि जब तक जरूरत है, आरक्षण जारी रहना चाहिए। भागवत ने यह बात भाजपा और कांग्रेस के बीच आरक्षण को लेकर चल रहे बयानों के बाद कही।
RSS प्रमुख भागवत ने कहा कि जब मैं यहां आया तो एक वीडियो वायरल किया जा रहा था कि आरएसएस आरक्षण के खिलाफ है। हम इस बारे में बाहर बात नहीं कर सकते। अब यह पूरी तरह से झूठ है। संघ शुरू से ही संविधान के अनुसार सभी आरक्षणों का समर्थन करता रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

