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बिहार लोक सेवा आयोग ने बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड (बीसीईसीईबी) के एग्जाम के चलते प्रधानाध्यापक (सेकेंडरी स्कूल) और प्रधान शिक्षक ( प्राइमरी स्कूल ) भर्ती परीक्षा की तिथियों में बदलाव किया है। प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा अब 28 जून को होगी जबकि पहले यह 23 जून को होनी थी। वहीं प्रधान शिक्षक भर्ती परीक्षा अब 29 जून को होगी जबकि पहले यह 22 जून को होनी थी।
बिहार के विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों के 46000 से ज्यादा पदों पर निकली भर्ती के लिए अप्रैल में आवेदन लिए गए थे। बीपीएससी परीक्षा के जरिए शिक्षा विभाग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के 6061 पद और शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों के 40247 पदों पर भर्ती होनी है। दोनों पदों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। प्रधान शिक्षकों की भर्ती के लिए पहले भी परीक्षा हुई थी पर इसमें ज्यादा शिक्षक सफल नहीं हो सके। सिर्फ 461 ही कामयाब हुए थे। ऐसे में फिर से ली जा रही परीक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं।
दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण ही बनेंगे प्रधानाध्यापक
आयोग की ओर से अधिसूचना के अनुसार 2012 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों को आवेदन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। वहीं, 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा में उत्तीर्णता आवश्यक होगी। सीबीएसई, आईसीएसई तथा बिहार बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा या पात्रता परीक्षा का प्रविधान लागू नहीं होगा। आवेदन के लिए राज्य सरकार के विद्यालय में माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम आठ वर्ष की लगातार सेवा, सीबीएसई, आईसीएसई व बिहार बोर्ड से स्थायी संबद्धता प्राप्त विद्यालयों में माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 12 साल की लगातार सेवा तथा सीबीएसई, आइसीएसई व बिहार बोर्ड से स्थायी संबद्धता प्राप्त विद्यालय में उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अनिवार्य है।
प्रधान शिक्षक
कोटि कुल पद महिला
सामान्य 10081 3529
ईडब्ल्यूएस 4018 1408
एससी 8041 2814
एसटी 806 283
ईबीसी 10056 3521
बीसी 7245 2538
कुल 40247 14093
निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं
प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए मेधा सूची लिखित परीक्षा के भाग एक और दो में प्राप्त अंक के आधार पर बनेगी। लिखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय आधारित होगी। प्रत्येक प्रश्न एक-एक अंक का होगा। गलत जवाब के लिए निगेटिव अंक का प्रावधान नहीं है। लिखित परीक्षा के लिए पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नहीं है। प्रश्न पत्र का भाग एक 100 तथा भाग दो 50 अंकों का होगा। सभी 150 प्रश्नों के जवाब के लिए दो घंटे 30 मिनट अभ्यर्थियों को दिया जाएगा। प्रश्न सामान्य अध्ययन और बीएड से संबंधित होंगे। भाग एक सामान्य अध्ययन और भाग दो प्रधानाध्यापक के लिए बीएड पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न होंगे।
