जयपुर. सरिस्का टाइगर रिजर्व ने बाघ संरक्षण में रच दिया इतिहास रच दिया है. आजादी के 75 साल में पहली बार यहां बाघों की संख्या 43 तक पहुंच गई है. सरिस्का में बाघों के शिकार के कारण 2004 में इनकी संख्या जीरो हो गई थी. उसके बाद रणथंभौर से लाए गए बाघों से इसे आबाद किया गया. इन बाघों को 16 साल पहले लाया गया था. हाल ही में सरिस्का में बाघिन ST-17 ने 3 शावकों को जन्म दिया है. बीते 4 महीने में इस टाइगर रिजर्व में 13 शावकों का जन्म हुआ है. आने वाले समय में यहां पर्यटकों टाइगर्स का आसानी से दीदार कर सकेंगे. राजस्थान के रणथम्भौर में टाइगर्स की संख्या अधिक होने के कारण वहां टाइगर्स के दीदार की संभावना ज्यादा रहती है.
सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों के लगातार शिकार के कारण ठीक दो दशक पहले साल 2004 में यह अभ्यारण्य बाघ विहिन हो गया था. सरिस्का के माथे पर बाघों के शिकार का ऐसा दाग लगा कि वह लंबे अरसे तक धुल नहीं पाया. लेकिन अब नया साल सरिस्का के लिए सुनहरा दौर लेकर आया है. लंबे अरसे से सरिस्का किसी बाघ नर्सरी के तरह पनप रहा है. बीते मंगलवार को सुबह ही सरिस्का खुशबरी सामने आई है कि बाघिन एसटी 17 ने तीन शावकों जन्म दिया है. सरिस्का को महज 13 दिनों में 10 और 4 महीने में 13 नए शावक मिले हैं.
सरिस्का में आए 13 नए मेहमान
पिछले चार महीने में सरिस्का में बाघिनों ने कोई एक दो नहीं बल्कि 13 शावकों को जन्म दिया है. सरिस्का की अकबरपुर रेंज में बाघिन एसटी- 17 के साथ कैमरा ट्रैप में तीन नन्हे शावक दिखाई दिए हैं. इससे पहले 13 मार्च को बाघिन एसटी-12 तीन शावकों के साथ नजर आई थी. 30 मई को बाघिन एसटी-22 के साथ 4 शावक कैमरा ट्रैप में दिखाई दिए थे. इसके साथ ही बाघिन एसटी- 12 का एक और शावक कैमरा ट्रैप में दिखाई दिया. वहीं 29 मई को बाघिन एसटी- 27 के साथ दो शावक नजर आए थे. 11 जून को बाघिन एसटी-17 के साथ तीन और नए शावक दिखाई दिए हैं. यानी 13 दिनों में सरिस्का को 10 नए शावक मिले हैं.
नए शावक सरिस्का का भविष्य हैं
सरिस्का में अब 11 नर बाघ, 14 बाघिन और शावकों की संख्या 18 हो गई है. सरिस्का में लगातार दिख रहे नए शावकों को लेकर वन्यजीव प्रेमी और वन मंत्री संजय शर्मा बेहद खुश नजर आ रहे हैं. सरिस्का में बाघों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है. सरिस्का में बाघों की बेहतर मॉनिटरिंग के चलते बाघों की संख्या में अब बढ़ोतरी हो रही है. नए शावक सरिस्का का भविष्य हैं. आगामी समय में सरिस्का टाइगर रिजर्व में युवा बाघों का राज होगा. इससे सरिस्का की ख्याति बढ़ाने के साथ ही अलवर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकेंगे.
वन मंत्री संजय शर्मा ने किया बड़ा दावा
वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि सरिस्का के लिए अच्छी बात है कि अब अलवर से ही विधायक प्रदेश के वन मंत्री हैं और अलवर से ही सांसद देश के पर्यावरण मंत्री हैं. ऐसे में अब सरिस्का के साथ किसी तरह का भेदभाव और सौतेला बर्ताव नहीं होगा. बल्कि सरिस्का टाइगर टूरिज्म की नई बुलंदियों को छूएगा. मंत्री संजय शर्मा का दावा है कि सरिस्का अब प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश में बाघ संरक्षण नई मिसाल बनेगा.
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FIRST PUBLISHED : June 12, 2024, 13:59 IST


