तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका चौथा कार्यकाल होगा। चंद्रबाबू नायडू की सत्ता में वापसी के बाद आंध्र प्रदेश के 2 शहरों पर नजर रहेगी। ये 2 शहर- अमरावती और हैदराबाद हैं। इन दोनों ही शहर में रियल एस्टेट इंडस्ट्री के ग्रोथ को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
अमरावती पर फोकस
चंद्रबाबू नायडू की सत्ता में वापसी के बाद अब अमरावती शहर के फोकस में रहने की उम्मीद है। हाल ही में चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का ऐलान किया है। साल 2014 से 2019 तक विभाजित राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में नायडू ने अमरावती को राजधानी शहर के रूप में प्रस्तावित किया था। विजयवाड़ा और गुंटूर के बीच स्थित और 29 गांवों में फैले इस स्थान को पर्यावरण की दृष्टि से मजबूत बनाने की योजना बनाई गई थी। नायडू ने लैंड पूलिंग के जरिए अमरावती के निर्माण के लिए किसानों से लगभग 30,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। हालांकि, इस योजना को साल 2019 में बड़ा झटका लगा क्योंकि चंद्रबाबू नायडू की सत्ता से विदाई हो गई और वाईएसआरसीपी के जगन मोहन रेड्डी के हाथों सत्ता खो दी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि हैदराबाद में रियल एस्टेट की कीमतों में करेक्शन हो सकता है। ये इसलिए क्योंकि अमरावती पर ध्यान केंद्रित करने के कारण निवेशक और खरीदार आंध्र प्रदेश में प्रतिस्पर्धी अवसरों की तलाश कर रहे हैं। ANAROCK समूह के अधिकारी प्रशांत ठाकुर ने कहा- इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पिछली सरकार ने बंद कर दिया था, लेकिन अब इसके पुनरुद्धार की बहुत स्पष्ट संभावनाएं हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े
एनारॉक रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार हैदराबाद में संपत्ति की औसत कीमतों में 2021 और अप्रैल तिमाही 2024 में 45% की वृद्धि हुई है। इस अवधि के बीच हैदराबाद में 2.18 लाख नए घर लॉन्च किए गए और 1.54 लाख आवासीय इकाइयां बेची गईं। हैदराबाद के हाउसिंग मार्केट ने इस अवधि के बीच वृद्धि प्रदर्शित की है, जिसमें कुल मिलाकर लगभग 2,18,800 नई आवासीय इकाइयां लॉन्च की गईं और 1,54,300 इकाइयां बेची गईं। पिछले तीन वर्षों में हैदराबाद में भूमि की कीमतों में 30% से अधिक की वृद्धि हुई है।

