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NEET : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के रिजल्ट की जांच को लेकर बनी कमिटी की रिपोर्ट आने से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए ने एक विस्तृत एफएक्यू ( FAQ ) जारी किया है। आपको बता दें कि नीट रिजल्ट में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। नीट परीक्षा रद्द कर फिर से आयोजित करने और रिजल्ट फिर से घोषित करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट व विभिन्न राज्यों की अदालतों में याचिकाएं दायर की गई हैं।
●67 छात्रों को एआईआर-1 कैसे मिली?
एनटीए ने कहा कि जिन 67 छात्रों को 720 अंक मिले हैं, उन सभी को टॉपर नहीं माना जाएगा। 67 में से 44 को आंसर-की में बदलाव होने से बोनस अंक मिले हैं। इस वजह से इन छात्रों ने परफेक्ट स्कोर किया है।
●44 छात्रों को ग्रेस मार्क्स किस आधार पर दिए गए?
परीक्षा में केमेस्ट्री के सेक्शन में एटम से संबंधित सवाल पूछा गया था। आंसर की में ऑप्शन 1 सही था। पुरानी एनसीईआरटी की किताब के हिसाब से ऑप्शन 3 सही था। ऑप्शन 3 मार्क करने वालों को बोनस अंक मिले हैं।
●एक ही परीक्षा केंद्र से 6 छात्रों को एआईआर-1 कैसे मिली?
ये केवल संयोग है। जिस सेंटर से 6 टॉपर्स निकले हैं उसका एवरेज रिजल्ट बाकी सेंटर्स के रिजल्ट से पहले से ही ज्यादा है।
●मार्किंग स्कीम के हिसाब से मैक्सिमम स्कोर 720 या 716 हो सकता है। फिर 718 या 719 अंक कैसे मिले?
टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से जिन कैंडिडेट का समय बर्बाद हुआ उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। इस वजह से टोटल मार्क्स 718 या 719 हो गए हैं।
●तय तारीख से पहले रिजल्ट क्यों जारी किया गया?
23 लाख छात्रों का एडमिशन प्रोसेस समय से पूरा हो, इसलिए एक्जाम रिजल्ट 30 दिनों में ही घोषित कर दिया गया।