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UPSC सिविल सर्विसेज एग्जाम 2024 प्रीलिम्स: एक्सपर्ट्स बोले- जनरल स्टडीज का पेपर आसान था, इस साल हाई होगा कट ऑफ

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14 घंटे पहले

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यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी UPSC 16 जून को देशभर में सिविल सर्विसेज एंट्रेंस एग्जामिनेशन – प्रीलिम्स (UPSC CSE) एग्जाम कंडक्ट कराया। देश के 79 शहरों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर एग्जाम संपन्न हुआ। पहली शिफ्ट यानी सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक जनरल स्टडीज – पेपर 1 का एग्जाम पूरा हुआ। वहीं, दूसरे शिफ्ट में दोपहर 2:30 से 4:30 तक जनरल स्टडीज पेपर 2 यानी CSAT का एग्जाम कराया गया।

इस साल लगभग 13 लाख कैंडिडेट्स ने प्रीलिम्स के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। प्रीलिम्स एग्जाम के दो पार्ट होते GS यानी हैं – जनरल स्टडीज और पेपर 2 – CSAT यानी सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट।दोनों पेपर पेन पेपर मोड में होते हैं। प्रीलिम्स के लिए दोनों पेपर देना कंपल्सरी है।

एक्सपर्ट्स बोले – पिछले साल की तुलना में आसान था पेपर 1, कट-ऑफ बढ़ सकता है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस साल GS का पेपर पिछले साल की तुलना में आसान था। ऐसे में हाई कट ऑफ होने की उम्मीद की जा सकती है।
वहीं, एग्जाम के पहली शिफ्ट में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स का भी कहना है कि इस बार सिविल सर्विस प्रीलिम्स एग्जाम पेपर 1 पिछले साल की तुलना में आसान था। इस बार पेपर में एनवायर्नमेंट और साइंस एंड टेक्नोलॉजी से जुड़े सवाल ज्यादा देखने को मिले।
एग्जाम इंटरनेशनल रिलेशंस में अफगानिस्तान, सेंट्रल एशिया, ईस्ट यूरोप और अफ्रीका पर सवाल पूछे गए। हिस्ट्री में बुद्धिज्म, जैनिज्म, मंदिर, लिटरेचर और टेक्स्ट, मंगोल और ब्रिटिश एंपायर के विस्तार से जुड़े सवाल आए। GS का पेपर टोटल 200 मार्क्स का होता है। एग्जाम में टोटल 100 सवाल होते हैं।

दिल्ली में पेपर 1 के बाद एग्जाम सेंटर से बाहर आते कैंडिडेट्स।

दिल्ली में पेपर 1 के बाद एग्जाम सेंटर से बाहर आते कैंडिडेट्स।

दिल्ली के एग्जाम सेंटर से पेपर 1 के बाद बाहर आए कैंडिडेट्स

दिल्ली के एग्जाम सेंटर से पेपर 1 के बाद बाहर आए कैंडिडेट्स

हैदाराबाद में ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल ने कैंडिडेट को सेंटर तक पहुंचाया
हैदाराबाद के राजेन्द्र नगर में ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश ने UPSC कैंडिडेट को समय से एग्जाम सेंटर पहुंचने में मदद की। ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है।

कोलकाता में एग्जाम सेंटर के बाहर एग्जाम हॉल में एंट्री से पहले कैंडिडेट्स की चेकिंग की गई।

कोलकाता में एग्जाम सेंटर के बाहर एग्जाम हॉल में एंट्री से पहले कैंडिडेट्स की चेकिंग की गई।

दिल्ली में शाहजहां रोड इलाके में स्थित सेंटर पर एग्जाम देने पहुंची दिव्यांग कैंडिडेट।

दिल्ली में शाहजहां रोड इलाके में स्थित सेंटर पर एग्जाम देने पहुंची दिव्यांग कैंडिडेट।

पटना के मगध महिला कॉलेज एग्जाम सेंटर पर शिफ्ट 1 से पहले एंट्री गेट पर कैंडिडेट्स का वेरिफिकेशन हुआ।

पटना के मगध महिला कॉलेज एग्जाम सेंटर पर शिफ्ट 1 से पहले एंट्री गेट पर कैंडिडेट्स का वेरिफिकेशन हुआ।

दिल्ली में सुबह 6 बजे से शुरू हुई फेज 3 मेट्रो लाइन
सही समय पर कैंडिडेट्स एग्जाम सेंटर्स तक पहुंच सकें इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने रविवार को सुबह 6 बजे से फेज 3 की मेट्रो लाइन शुरू कर दी है। आमतौर पर ये ट्रेन सुबह 8 बजे चलती है। वहीं, नमो भारत ट्रेन सर्विस सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चालू रहेगी।

दिल्ली के दिलशाद गार्डन-शहीद स्थल, नोएडा सिटी सेंटर, नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मुंडका-ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बदरपुर बॉर्डर-राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़), मजलिस पार्क-शिव विहार, जनकपुरी पश्चिम-बॉटैनिकल गार्डन, और ढांसा बस स्टैंड-द्वारका तक ये सर्विस मिल रही है।

एग्जाम के लिए कोलकाता मेट्रो सुबह 7 बजे से 130 की बजाय 138 लाइनों 69 अप और 69 डाउन पर चल रही है। पुडुचेरी में भी एग्जाम सेंटर्स तक जाने के लिए स्पेशल बसें चल रही हैं।

IAS, IPS और अन्य एलाइड के 1056 पदों पर होनी है भर्ती
इस एग्जाम के जरिए देश के सबसे प्रतिष्ठित ऑफिसर ग्रेड के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है। इनमें IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस), IPS (इंडियन पुलिस सर्विस), IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस) जैसे पद शामिल हैं। इस साल UPSC सिविल सर्विसेज एग्जाम के जरिए 1056 पदों पर भर्ती होनी है। UPSC CSE 2024 का एग्जाम 26 मई को होना था, लेकिन लोकसभा चुनाव की वजह से एग्जाम की डेट बढ़ाकर 16 जून कर दी गई थी।

UPSC मेन्स देने के लिए प्रीलिम्स क्वालिफाई करना जरूरी
UPSC CSE एग्जाम तीन चरणों में होता है – प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू। प्रीलिम्स एग्जाम क्वालिफाइंग नेचर का है यानी इसके मार्क्स फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जुड़ते, लेकिन मेन्स देने के लिए प्रीलिम्स क्वालिफाई करना जरूरी है। हर साल लगभग 10 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स इस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करते हैं। 2023 में प्रीलिम्स के लिए लगभग 14 लाख कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 14,600 कैंडिडेट्स एग्जाम का सेकेंड स्टेज – मेन्स देने के लिए सिलेक्ट हुए थे।

प्रीलिम्स के लिए पिछले सालों के UPSC सिविल सर्विस एग्जाम्स के 5 टॉपर्स के टिप्स पर एक नजर, जानें कितने सवाल अटेम्प्ट करें, बर्नआउट कैसे कंट्रोल होगा..

1. पिछले सालों के पेपर जरूर देंखे, स्मार्ट वर्क दिलाएगा सक्सेस
UPSC 2023 में AIR 1 हासिल करने वाले आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि प्रीलिम्स की तैयारी वो फरवरी से शुरू करते थे। प्रीलिम्स में फैक्ट्स पर फोकस करना होता है। एग्जैक्ट वर्ड्स, एग्जैक्ट नेम्स आपको पता होने चाहिए, क्योंकि ऑप्शन्स एक जैसे ही होते हैं।

अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए आदित्य बताते हैं कि प्रीलिम्स के पहले अटेम्प्ट में उन्होंने सारी बुक्स कवर कीं। 90-92 सवाल अटेम्प्ट किए थे, लेकिन उनका स्कोर 82 ही बना पाया और 2-3 नंबर से सिलेक्शन रह गया था। तब आदित्य को लगा कि शायद कोई कमी रह गई है। उन्होंने नॉलेज तो पूरी हासिल कर ली थी, लेकिन प्रैक्टिस नहीं की थी। इससे वो ये नहीं समझ पाए थे कि UPSC के प्रीलिम्स का पैटर्न क्या होता है और उसमें कैंडिडेट्स से डिमांड क्या की जाती है।

फिर दूसरे अटेम्प्ट के लिए उन्होंने प्रीवियस ईयर क्वेश्चन्स को ढंग से देखा। पिछले 10 सालों के पेपर देखे। आखिरी 3 साल के पेपर अच्छी तरह एनालाइज किए। स्टेटमेंट किस तरह से लिखें हैं, किस तरह की चीजें हर बार ही गलत लिखीं जा रही हैं, किस तरह के स्टेटमेंट हर बार सही हैं। इस तरह के ऑब्जर्वेशन किए और वहां से डिसाइड किया कि अब जो सवाल नहीं आते होंगे, उनकी नॉलेज जहां सपोर्ट नहीं करेगी, वहां इन ऑब्जर्वेशन्स का सहारा लिया जा सकता है।

इस तरह आदित्य नंबर ऑफ ऑप्शन्स को नैरो डाऊन कर पाए। इतना करने से उनके मार्क्स 84 से 114 हो गए थे।

2 – रीडिंग, अंडरस्टैंडिंग पर काम करें, टॉपिक स्किप करने की कला जानें
प्रीलिम्स को लेकर अभिषेक वर्मा कहते हैं कि ये गेम ऑफ एलिमिनेशन है। इसके लिए आपको सभी टॉपिक्स को ऑब्जेक्टिवली पढ़ना होगा यानी फैक्चुअल नॉलेज हासिल करनी होगी। प्रीलिम्स में आपके सामने चार ऑप्शन्स होते हैं। इसके लिए सबसे पहले तो रीडिंग और अंडरस्टैंडिंग स्किल्स अच्छी होनी चाहिए। दूसरा आपको ऑप्शन्स को एलिमिनेट करना आना चाहिए।

वहीं कोचिंग से तैयारी को लेकर अभिषेक ने कहा कि कोचिंग की जरूरत उनके लिए है, जिन्होंने टॉपिक्स को कभी पढ़ा न हो और उनके बारे में बिल्कुल ही न जानते हों। लेकिन ऑनलाइन और अन्य माध्यमों के होने से आज पढ़ने के बहुत माध्यम हैं। ऐसे में कोचिंग की रेलेवेंस कम हो गई है। गांव, देहात या दूर-दराज के इलाकों से आने वाले स्टूडेंट्स, जो दिल्ली या मुखर्जी नगर अफोर्ड नहीं कर सकते, उन्हें भी पढ़ने के लिए ऑनलाइन मीडियम मिल गया है। वो भी इसके जरिए अब एग्जाम क्लियर कर रहे हैं।

3 – सिलेबस अच्छी तरह समझें, बेसिक्स क्लियर हों
2019 में UPSC क्लियर करने वाले अंशुमन राज ने कहा कि सबसे पहले सिलेबस को अच्छी तरह से देखें। सिलेबस में बहुत ही बारीकी से बताया गया है कि स्टूडेंट्स को क्या-क्या पढ़ना है। प्रीलिम्स में एक ये बेनिफिट रहता है कि आंसर आपके सामने ही होता है। चार ऑप्शन्स हैं, उन्हीं में से कोई एक चुनना है। उसके लिए आपके कॉन्सेप्ट क्लियर होने चाहिए, क्योंकि कई बार ऑप्शन्स आपको कंफ्यूज कर देते हैं। पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर देखें, उनकी आंसर शीट्स भी देख सकते हैं। लेकिन उन्हें टेम्प्लेट समझकर उन्हीं के अनुसार तैयारी करना ठीक नहीं। UPSC अगली बार क्या पूछने वाला है, वो किसी को नहीं पता।

इसके अलावा अंशुमन ने कहा कि प्रीलिम्स के लिए आपके बेसिक्स क्लियर होना बहुत जरूरी है। इससे आपके करेंट अफेयर्स की समझ भी बेहतर होगी। कई बार एग्जाम में ऐसा भी होता है कि करेंट अफेयर नहीं पढ़ा, लेकिन उस टॉपिक के बेसिक्स क्लियर हैं, तो भी आप उसका सही जवाब दे सकते हैं।

4 – टेस्ट पेपर सॉल्व करें, जानें कहां काम करेगा गेसवर्क
एग्जाम की तैयारी को लेकर कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि प्रीलिम्स में आपके सामने चार ऑप्शन दिए होते हैं और आपका आंसर उन्हीं में से एक है। ऐसे में चार में से सही आंसर आइडेंटिफाई करना चैलेंज है।

कार्तिकेय ने पांच बार UPSC का पेपर दिया है और हर बार प्रीलिम्स एग्जाम क्रैक किया। ये उनका स्ट्रॉन्ग एरिया रहा है। इसके लिए वो हर प्रीलिम्स के लिए लगभग 60 टेस्ट पेपर्स सॉल्व करते थे। किसी भी दो कोचिंग सेंटर्स के सारे क्वेश्चन पेपर्स उठा लाते थे। उनका कहना है कि प्रीलिम्स के लिए कैंडिडेट को पता होना चाहिए कि…..

  • किन सवालों को अटेम्प्ट करना है।
  • किन में गेसवर्क चल जाएगा।
  • कहां गेसवर्क बिल्कुल काम नहीं करेगा, और…
  • कौन से क्वेश्चन्स स्किप कर देने हैं।

5 – बार-बार न बदलें पढ़ाई की स्ट्रैटजी, कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी
2022 में UPSC में सिलेक्ट हुए कुमार सुशांत कहते हैं कि कॉलेज में ही पढ़ाई के दौरान जब लेक्चर्स अटेंड करते थे तो नींद आती थी। ऐसे में उन्हें UPSC की तैयारी के लिए कोचिंग करना ठीक नहीं लगा इसलिए UPSC के लिए उन्होंने सेल्फ स्टडी ही की।

तैयारी को लेकर सुशांत कहते हैं कि प्रीलिम्स में रीडिंग स्किल्स टेस्ट की जाती हैं। साथ ही आपकी फैक्चुअल नॉलेज का टेस्ट होता है। इसके लिए आप अगर अपने बेसिक्स क्लियर करके आगे बढ़ेंगे, तो फैक्ट्स कभी नहीं भूलेंगे।

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