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नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं मिली है। इस वजह से जांच आगे नहीं बढ़ा पा रही है। ईओयू ने एनटीए को तीन बार रिमाइंडर भेजा है पर प्रश्न पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसको लेकर जांच अधिकारी हैरान हैं। जांच प्रक्रिया में मदद नहीं किए जाने को लेकर नए सिरे से पेपर लीक मामले को खंगाला जा रहा है। तीन दिन पहले अधिकारियों ने रिमाइंडर भेजा था पर प्रति नहीं मिल पाना कई प्रश्न खड़े कर रहा है। दरअसल पुलिस ने पांच मई को पटना के एजी कॉलोनी में गिरफ्तार अभियुक्त अमित आनंद और नीतीश के किराये के फ्लैट से नीट का प्रश्न व उत्तर का जला हुआ अवशेष बरामद किया था।
ईओयू की टीम एनटीए से नीट का प्रश्न-पत्र मांग रही है, ताकि अभियुक्तों के पास से मिले प्रश्न-पत्र से उसका मिलान किया जा सके। इसकी फॉरेंसिंक जांच होनी है। ईओयू का मानना है कि फॉरेंसिक जांच से ही पता चलेगा कि जो जले हुए प्रश्नपत्र मिले थे, क्या वे असली थे।
परीक्षार्थियों से पूछताछ के लिए प्रश्नावली तैयार
ईओयू सूत्रों के अनुसार 18-19 जून को 9 परीक्षार्थियों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने के लिए प्रश्नावली तैयार की गयी है। मालूम हो कि इन सभी नौ परीक्षार्थियों को ईओयू द्वारा नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले में चार परीक्षार्थियों एवं 6 परीक्षा माफिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
अधिकारी दोषी मिले तो बख्शे नहीं जाएंगे धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट में हुई अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए कहा है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में बड़े सुधार की जरूरत है। कहा, अगर एनटीए के अधिकारी गड़बड़ी में दोषी पाए गए तो उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रधान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर 1,563 उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा का आदेश दिया गया है। दो जगहों पर कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को आश्वास्त करते हुए कहा कि सरकार मामले को लेकर चिंतित है और इसे गंभीरता से लिया है। आने वाले दिनों में एनटीए की कार्यप्रणाली में भी कई सुधार किए जा सकते हैं।
