ऐप पर पढ़ें
UPSC CSE Prelims 2024 संघ लोक सेवा आयोग की ओर से देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा भर्ती 2024 की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिले के 99 केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। सुबह 930 से 1130 बजे तक पहली पाली में हुआ सामान्य अध्ययन का पेपर पिछले सालों की तुलना में सरल रहा। परीक्षा केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे आत्मविश्वास से चमक रहे थे। सिविल सेवा विशेषज्ञों की मानें तो इस साल प्री का कटऑफ पिछले सालों की तुलना में अधिक रहेगा।
सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में दो-दो अंक के कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे। 200 अंकों के प्रश्नपत्र में कटऑफ 95 से 100 अंक के बीच जाने की उम्मीद है। जबकि 2023 में 75.4 अंक, 2022 में लगभग 88 अंक, 2021 में कटऑफ 87.54 अंक गया था। प्रश्नपत्र में 70 प्रतिशत सवाल कांसेप्ट पर आधारित थे जबकि 30 प्रतिशत तथ्य आधारित रहे। अधिकांश कांसेप्ट आधारित प्रश्न एनसीईआरटी की किताबों में ही मिल जाएंगे और तथ्य आसान रहे।
आयोग ने हमेशा की तरह एक बार फिर कोचिंग सेंटर के तथाकथित रामबाण नोट्स व टेस्ट सीरीज का बॉयकाट किया है। चुनाव वर्ष के दौरान सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं से प्रश्न पूछने की परंपरा का इस बार भी निर्वहन हुआ। संस्कृति आईएएस के मेंटर केपी द्विवेदी के अनुसार सामान्य अध्ययन में इस बार विकल्प छकाने वाले नहीं थे। सीसैट का पेपर सामान्य अध्ययन की तुलना में थोड़ा कठिन था। मैथ्स व रीजनिंग के छात्रों की बल्ले-बल्ले थी।
सिविल सेवा कोच नवीन पंकज के अनुसार करेंट के सवालों में कुछ बिल्कुल तथ्यों पर थे तो कुछ अप्लाइड करेंट के भी सवाल पूछे गए थे जैसे लोकसभा की एथिकल कमेटी से पहली बार सवाल पूछा गया। संसद के पिछले सत्र के दौरान महुआ मोइत्रा की सदस्यता समाप्त करने के कारण एथिकल कमेटी चर्चा में थी।
जीएस वर्ल्ड के प्रबंध निदेशक नीरज सिंह ने बताया कि 230 से 430 बजे की द्वितीय पाली में हुए सीसैट के पेपर में हिंदी और अंग्रेजी दोनों के पैराग्राफ पिछले वर्ष से सरल थे। रीजनिंग में सिर्फ कोडिंग के प्रमुख प्रश्न रहे। गणित में लगभग 30 प्रश्न पूछे गए थे और कुछ प्रश्नों को छोड़कर अन्य सामान्य स्तर के थे। अभ्यर्थियों को तर्क आधारित प्रश्नों का अच्छा अभ्यास करने की आवश्यकता है।
