कहीं रोटी में थूक लगाना तो कहीं जूस में थूक मिलाना, कहीं मसाज करते वक्त चेहरे पर थूक मलना…कई जगह से इस तरह की खबरें आ रही हैं. थूक लगाने या मिलाने की घटनाओं के बाद अयोध्या के संत समाज ने नाराजगी जताई है.
अयोध्या के संतों ने समुदाय विशेष के व्यापारियों से कुछ भी ना खरीदने का किया धर्मादेश जारी किया है. जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि कुछ लोग साजिश के तहत हिंदू धर्म और हिंदुओं को दूषित करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ खास वर्ग के लोगों द्वारा खाने के सामान में थूक मिलाना इसी साजिश का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि भारत में जितने भी सनातन धर्म को मानने वाले लोग हैं, वे विशेष समुदाय से सामान ना खरीदें.
सरयू नित्य आरती के अध्यक्ष शशिकांत दास ने कहा कि थूक मिलाने की ये हरकत है बहुत ही घिनौनी है. गैर हिंदू समुदाय के लोग ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने सनातन हिंदुओं से निवेदन किया कि वे ऐसे समुदाय विशेष के लोगों के यहां से कोई सामान ना खरीदें.
राष्ट्रवादी बाल संत दिवाकर आचार्य का कहना है कि भारत में रहने वाले कुछ विशेष वर्ग के लोग थूक चाटने की परंपरा में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा और सभ्यता में थूक कर चाटने नहीं है. उन्होंने कहा कि वे देश के हिंदुओं से अपील करते हैं कि इस प्रकार के वर्ग विशेष के लोगों का बहिष्कार करें.
FIRST PUBLISHED : June 17, 2024, 17:18 IST


