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बुलडोजर एक्शन से सहमे लोग, सरकार से घर मिलने के बाद भी प्रॉपर व्यवस्था न मिलने से हुए परेशान

लखनऊ के अकबरनगर में लगातार बुलडोजर की कार्रवाई जारी है. ऐसे में सैकड़ों लोगों को अलग मकान में विस्थापित किया गया है. लेकिन लोग अभी भी परेशान हैं. वे चाहते है कि उनकी समस्या दूर किया जाए, क्योंकि उनके पास कोई काम नहीं है. ऐसे में वह मकान की किस्त कैसे जमा करेंगे. उनके बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है. उनके पास कोई काम नहीं है. 

अकबरनगर में रहने वाले परिवार को योगी सरकार ने 10 किलोमीटर दूर वसंत कुंज में घर दिए हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि रहने के लिए प्रॉपर व्यवस्था नहीं है. स्कूल समेत न कुछ खाने को कुछ भी नहीं है. बिजली की समस्या रहती है. अब ऐसे में रहने में मजबूर हैं.

ये भी पढ़ें- लखनऊ: अकबर नगर में चौथे दिन भी गरजा प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण ढहाने का सिलसिला जारी, अतिक्रमण हटाने में लग सकते हैं 15 दिन

‘अब इतनी दूर रह रहे हैं कि कोई काम भी नहीं है’

वसंत कुंज में रहने वाले सबरीना का कहना है कि उनके पति का देहांत उस दिन हो गया था, जब अखबरनगर में बुलडोजर चला था. उनकी चार बेटियां हैं.  उनका गुजारा कैसे होगा, क्योंकि अखबरनगर में रहकर दूसरे के घर में काम मिला था. लेकिन अब इतनी दूर रह रहे हैं कि कोई काम भी नहीं है.

वहीं, नसरीन के मुताबिक, घर में 10 लोग हैं और ऐसे में कैसे काम चलेगा. क्योंकि अब कुछ काम नहीं है और बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे. रज़िया का कहना है कि घर मिला है, लेकिन इसका पैसा देना है. इतना पैसा कहां से लाएंगे. इसके लिए सरकार कुछ करें. क्योंकि यहां कोई काम नहीं है और अब हमारे पास कोई काम भी नहीं है.

ऐसे ही वसंत कुंज में रहने वाले रमेश का कहना है कि मैं ई-रिक्शा चलाता हूं और घर में 10 लोग हैं. सब जमीन पर सोते हैं. घर में बिजली खराब है. ऐसे में क्या करें नहीं पता.

‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई’

जानकारी के मुताबिक, रोजाना तकरीबन 100 से 150 मकानों/दुकानों/शोरूम आदि को ध्वस्त किया जा रहा है. इसके लिए दर्जन भर बुलडोजर लगाए गए हैं. करीब एक हजार अवैध घरों को ध्वस्त किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें गिराने का आदेश दिया है. इसके साथ यहां बड़ी सख्या में कॉमर्शियल दुकाने भी हैं, उनको भी ध्वस्त किया जा रहा है. ये सभी कुकरैल नदी के किनारे बंधे पर बने हुए थे. 

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