नई दिल्ली9 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट आज NEET घोटाले पर ग्रेस मार्क्स से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। यह केस जस्टिस नाथ और जस्टिस भट्टी की वेकेशन बेंच के सामने रखा गया। कोर्ट ने कहा- अगर किसी की ओर से 0.001% भी लापरवाही हुई है तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए।
कोर्ट ने घोटाले से जुड़ी याचिकाओं को 8 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया है। वकीलों से कहा है कि वे उसी दिन सभी मामलों पर बहस कर सकते हैं।
इससे पहले 11 जून याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने NTA को नोटिस जारी किया था और काउंसलिंग प्रक्रिया रोकने से इनकार कर दिया था।
4 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET का रिजल्ट घोषित किया था। पहली बार ऐसा हुआ जब 67 कैंडिडेट को 720 में से 720 नंबर मिले।

रिजल्ट के बाद विवाद क्यों हुआ
NEET की इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में ग्रेस मार्किंग का जिक्र नहीं है। NTA ने भी रिजल्ट जारी करते वक्त इसकी जानकारी नहीं दी थी। रिजल्ट आने के बाद कैंडिडेट्स ने सवाल उठाए, तब NTA ने बताया कि ‘लॉस ऑफ टाइम’ की वजह से कुछ बच्चों को ग्रेस मार्क दिए गए हैं। ग्रेस मार्क किस फॉर्मूले के तहत दिए गए, इस बारे में NTA ने कुछ नहीं बताया।
NTA को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि NEET-UG की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। हमें इसका जवाब चाहिए। इस मामले में अब तक 4 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी हैं। 4 दिन पहले 20 स्टूडेंट्स ने एक याचिका दायर कर परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच CBI या किसी दूसरी एजेंसी से कराने की मांग की है।

राजस्थान हाईकोर्ट में भी आज सुनवाई
NEET के रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत 7 हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। इन सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। इनमें पेपर लीक और CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं।
हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट में भी आज NEET से जुड़े एक मामले की भी सुनवाई होगी। यह याचिका अभ्यर्थी तनुजा यादव ने लगाई थी। तनुजा ने याचिका में कहा है कि परीक्षा के दौरान उन्हें पेपर आधे घंटे देरी से मिला और उसे पूरा करने के लिए टाइम नहीं दिया गया। उनका दावा है कि उन्हें ग्रेस मार्क्स भी नहीं दिए गए।

