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फिच ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया: वित्त वर्ष-25 के लिए 7% से बढ़ाकर 7.2% किया, ये RBI के अनुमान के बराबर

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  • Fitch Raises India’s GDP Growth Rate Estimates For FY25 To 7.2% As Investments Rise

नई दिल्ली48 मिनट पहले

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फिच रेटिंग्स ने भारत की GDP वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5% और वित्त वर्ष 2026-27 में 6.2% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। - Dainik Bhaskar

फिच रेटिंग्स ने भारत की GDP वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5% और वित्त वर्ष 2026-27 में 6.2% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है।

फिच रेटिंग्स एजेंसी ने मंगलवार (18 जून) को चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को मार्च में अनुमानित 7% से बढ़ाकर 7.2% कर दिया है। एजेंसी ने कंज्यूमर स्पेंडिंग में सुधार और निवेश में ग्रोथ का हवाला देते हुए भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है।

फिच ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.5% की ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.2% की ग्रोथ रेट से भारत की इकोनॉमी के बढ़ने का अनुमान लगाया है।

फिच का अनुमान RBI के अनुमान के बराबर
फिच का अनुमान RBI के अनुमान के बराबर है। इस महीने की शुरुआत में RBI ने अनुमान लगाया था कि रूरल डिमांड में सुधार और इन्फ्लेशन में नरमी के कारण चालू वित्त वर्ष में भारतीय इकोनॉमी 7.2% रेटी से बढ़ेगी।

वित्त वर्ष-24 में 8.2% की रेट से बढ़ी थी भारतीय इकोनॉमी
पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में भारत की इकोनॉमी 8.2% की रेट से बढ़ी थी, जबकि मार्च तिमाही में ग्रोथ रेट 7.8% रही थी। फिच को उम्मीद है कि 2024 के आखिरी तक इन्फ्लेशन घटकर 4.5% रह जाएगी।

2025 और 2026 में इन्फ्लेशन एवरेज 4.3% रहेगी
वहीं 2025 और 2026 में इन्फ्लेशन एवरेज 4.3% रहेगी। फिच ने कहा कि उसे उम्मीद है कि RBI इस साल पॉलिसी इंटरेस्ट रेट्स में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करके इसे 6.25% कर देगा।

FY2024-25 में 6.6% रह सकती है भारत की GDP: वर्ल्ड बैंक
कुछ दिनों पहले वर्ल्ड बैंक ने FY2024-25 के लिए भारत का GDP अनुमान 6.6% पर बरकरार रखा था। इससे पहले वर्ल्ड बैंक ने अप्रैल में भी FY25 के लिए भारत की GDP का अनुमान 6.6% बताया था।

वर्ल्ड बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 26 में 6.7% और वित्त वर्ष 27 में 6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है।

वर्ल्ड बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 26 में 6.7% और वित्त वर्ष 27 में 6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है।

वर्ल्ड बैंक ने कहा था कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रहेगा। हालांकि, भारत के विस्तार की गति धीमी होने की उम्मीद है।

वर्ल्ड बैंक ने बताया था कि वित्त वर्ष 2023-24 में उच्च विकास दर के बाद वित्त वर्ष 2024-25 से शुरू होने वाले तीन वित्तीय वर्षों के लिए एवरेज 6.7% प्रति वर्ष की स्थिर ग्रोथ का अनुमान है।

भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 26 में 6.7% की दर से बढ़ेगी
वर्ल्ड बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 26 में 6.7% और वित्त वर्ष 27 में 6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। वहीं वित्त वर्ष 24 में नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) ने GDP के 8.2% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है।

RBI ने GDP अनुमान बढ़ाया, महंगाई अनुमान बरकरार रखा

  • RBI ने FY25 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.2% किया
  • RBI ने वित्त वर्ष 2024-25 का महंगाई अनुमान 4.5% पर बरकरार रखा

GDP क्या है?
GDP इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उन्हें भी शामिल किया जाता है।

दो तरह की होती है GDP
GDP दो तरह की होती है। रियल GDP और नॉमिनल GDP। रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करंट प्राइस पर किया जाता है।

कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP?
GDP को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। GDP=C+G+I+NX, यहां C का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, G का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, I का मतलब इन्वेस्टमेंट और NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट है।

GDP की घट-बढ़ के लिए जिम्मेदार कौन है?
GDP को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये GDP में 32% योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च।

इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका GDP में 11% योगदान है। और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट GPD पर निगेटिव ही पड़ता है।

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