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‘आया ऊंट पहाड़ के नीचे’, किराया बढ़ने की रफ्तार हुई धीमी, प्रॉपर्टी की कीमत भी होगी कम, बस इंतजार करें! – India TV Hindi

Property Market - India TV Paisa

Photo:INDIA TV प्रॉपर्टी मार्केट

बीते कुछ सालों से प्रॉपर्टी बाजार में असमान उछाल है। प्रॉपर्टी की कीमत से लेकर किराये में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। किराये में असमान बढ़ोतरी से वित्तीय बोझ बढ़ा है। वहीं, प्रॉपर्टी की कीमत में बड़ी वृद्धि होने से वे खरीद नहीं पा रहे हैं। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। किराये की ग्रोथ की रफ्तार धीमी हुई है। 

रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक के अनुसार, शीर्ष सात शहरों दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु में आवासीय किराये में वृद्धि आवासीय आपूर्ति में सुधार के कारण धीमी हुई है। 

रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों के प्रमुख बाजारों में औसत आवासीय किराये में पिछली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) 2024 में दो से चार प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। 2024 की पहली तिमाही में इन बाजारों में किराये में 2023 की चौथी तिमाही के मुकाबले चार से नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। यह आंकड़ा 1,000 वर्ग फुट के 2-बीएचके फ्लैट के औसत किराये पर आधारित है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमत पर भी दबाव देखने को मिलेगा। प्रॉपर्टी का दाम बढ़ना रुक जाएगा और फिर कमी देखने को मिलेगी। 

प्रॉपर्टी की कीमत में कमी क्यों आएगी? 

1. नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-मार्च 2023 के मुकाबले जनवरी-मार्च, 2024 में 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की प्रॉपर्टी की मांग 29% से बढ़कर 40% हो गई है। वहीं, इस दौरान 50 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी की बिक्री भी 32% से गिरकर 27% फीसदी रह गई है। होम लोन के टिकट साइज पर भी इसका असर देखने को मिला है। सीबीआरई के अनुसार, 35 लाख तक के होम लोन की मांग 53% से गिरकर 39% फीसदी रह गई है। यह दर्शाता है कि आम लोग घर नहीं खरीद पा रहे हैं। सिर्फ प्रीमियम प्रॉपर्टी की बिक्री हो रही है। जानकारों का कहना है कि यह रियल एस्टेट के लिए स्टेनेबल मॉडल नहीं है। इससे मंदी आना तय है जो कीमत का कम करने का काम करेगा। 

लोअर मिडिल क्लास को नहीं मिल रहा विकल्प 

2. प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट के अनुसार, 60 लाख रुपये तक के फ्लैट बिल्डर नहीं बना रहे हैं। प्रीमियम आवासीय संपत्तियों की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए बिल्डर्स लग्जरी अपार्टमेंट पेश करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। लग्जरी परियोजनाओं में मार्जिन अधिक है। इससे देश का मध्मय वर्ग जो अपने रहने के लिए घर खरीदना चाह रहा है उसे सही विकल्प नहीं मिल रहा है। लोअर मि​डिल क्लास चाह कर भी अब घर खरीद नहीं पा रहा है। यह भी एक कारण होगा जो रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी लाने का काम करेगा। 


 

कीमत में उछाल से अनसोल्ड इनवेंट्री बढ़ी

3. पिछल कुछ सालों में प्रॉपर्टी की कीमत में आसमान बढ़ोतरी हुई है। कीमत बजट से बाहर निकलने से एक बड़ा वर्ग घर चाह कर भी नहीं खरीद पा रहा है। इससे अनसोल्ड इनवेंट्री की संख्या बढ़ी है। जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सात प्रमुख शहरों में फ्लैट की आपूर्ति बढ़ने से सात प्रमुख शहरों में अनसोल्ड घरों की संख्या 2019 की तुलना में 24 प्रतिशत बढ़ गई है। इन घरों की बिक्री करने में बिल्डरों को 22 महीने का समय लगेगा। मार्च, 2024 तक अनसोल्न्ड घरों की संख्या लगभग 4,68,000 थी जो दिसंबर 2019 की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। 

बस इंतजार करें, कीमत कम होगी

रियल एस्टेट एक्सपर्ट के अनुसार, घर खरीदने में अभी कोई जल्दबाजी न करें। प्रॉपर्टी मार्केट में प्राइस बबल बना हुआ है, जिसको फुटना तय है। यह कब फुटेगा यह कहना अभी संभव नहीं है लेकिन जो आंकड़े इशारा कर रहे हैं, उससे एक बात तो साफ है कि यह बबल फुटेगा। वहीं, अगर सरकार आधार से प्रॉपर्टी को जोड़ने का फैसला लेती है, कीमत औंधे मुंह गिरेगी। बेनामी प्रॉपर्टी पर हमला होने से कीमत धड़ाम होना तय है।  

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