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वैश्विक महामारी कोरोना का मात देने के बाद युद्ध की त्रासदी झेलते हुए शहर की जुड़वा बहनों ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया। यूक्रेन में हुए दीक्षांत समारोह में डिग्री हासिल करने के बाद दोनों बहनों ने जनसेवा करने का संकल्प लिया।
नगर के महिला अस्पताल में रहने वाली स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स सुधादेवी शाक्य व सपा नेता ब्रजपाल सिंह शाक्य की जुड़वा बेटियां करिश्मा और कामना ने प्रारंभिक शिक्षा यहीं से ली। डॉक्टर बनकर देश सेवा की ठानी तो मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन टर्म ओपन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था। दोनों वहीं हॉस्पिटल में रहकर अपनी पढ़ाई की तैयारियां करती रहीं। यूक्रेन में रहकर दोनों बहनों के लिए पढ़ाई करना इतना आसान नहीं था। पहले वैश्विक महामारी कोरोना के तहत लॉकडाउन की त्रासदी को झेला और फिर इसके बाद युद्ध की विभीषिका का सामना करते हुए कई संकटों के दौर से दोनों बहनों को गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पूरी हिम्मत के साथ दोनों बहनें अपनी पढ़ाई के प्रति एकाग्रित होकर जुटी रहीं। आखिरकार दोनों बहनों की मेहनत रंग लाई। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और फिर पिछले दिनों युक्रेन में आयोजित दीक्षांत समारोह में दोनों बहनों को उपाधि प्रदान की।
मां से मिली थी प्रेरणा
डॉ.करिश्मा और डॉ.कामना ने आपके अपने हिंदुस्तान अखबार से बातचीत करते हुए बताया कि डॉक्टरी की पढ़ाई की प्रेरणा उन्हें अपनी मां सुधा देवी से मिली। उनकी मां स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स हैं। उनका भाई डॉक्टर गौरव भी एमबीबीएस कर चुका है। दोनों बहनों ने बताया कि डॉक्टर बनने के बाद अब वह दोनों अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
