Ola Electric IPO: दिग्गज इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी- ओला इलेक्ट्रिक के आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को सेबी से मंजूरी मिल गई है। यह भारत में किसी इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्टअप का पहला और 2024 में नए जमाने का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। बता दें कि सॉफ्टबैंक और टेमासेक समर्थित ओला ने 22 दिसंबर को सेबी के साथ अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया था। इस आईपीओ में एक नए इश्यू के जरिए ₹5500 करोड़ तक जुटाने और 9.52 करोड़ शेयरों तक की बिक्री की पेशकश (ओएफएस) का प्रस्ताव था।
भाविश अग्रवाल बेच रहे इतने शेयर
ओला इलेक्ट्रिक के प्रमोटर भाविश अग्रवाल आईपीओ में ओएफएस के जरिए 4.7 करोड़ शेयर बेचेंगे, जो कुल ओएफएस का 50% है। कंपनी ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के माध्यम से ₹1000 करोड़ जुटाने के विकल्प का उपयोग किया है। ऐसे में नए इश्यू का साइज उस सीमा तक कम हो जाएगा, जैसा कि उसने अपने डीआरएचपी में जिक्र किया था।
बता दें कि आईपीओ के जरिए इंडस ट्रस्ट, काहा वेव वेंचर्स, अल्पाइन अपॉर्चुनिटी फंड, डीआइजी इन्वेस्टमेंट इंटरनेट फंड, मैकरिची इन्वेस्टमेंट्स, मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया इन्वेस्टमेंट्स, एसवीएफ II ऑस्ट्रिच और टेकने प्राइवेट वेंचर्स XV भी अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
क्या होगा पैसे का
आईपीओ से प्राप्त रकम का एक हिस्सा एक्सिस बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनियों द्वारा दिए गए ऋण के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी अपने ईवी पोर्टफोलियो, गीगाफैक्ट्री और बिक्री को बढ़ाने के लिए आईपीओ आय का उपयोग करने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा कंपनी अपनी गीगाफैक्ट्री की क्षमता का विस्तार करने के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में प्राप्त आय से लगभग ₹1,264 करोड़ का उपयोग करेगी। वहीं, ₹800 करोड़ का उपयोग ऋण भुगतान के लिए और ₹350 करोड़ का उपयोग अन्य काम के लिए किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए ₹1,600 करोड़ की जरूरत होगी।
ओला इलेक्ट्रिक इस क्षेत्र में टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो जैसे दिग्गजों के साथ-साथ एथर एनर्जी जैसे स्टार्टअप से प्रतिस्पर्धा करती है। स्विगी और फर्स्टक्राई सहित अन्य प्रमुख नए जमाने के स्टार्टअप ने भी सेबी के साथ अपने ड्राफ्ट आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए हैं और नियामक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।

