UPSC IAS Story: अक्सर देखा गया है कि IAS ऑफिसर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं. कभी कोई अपने कामों की वजह से तो कोई अपनी अलग कारनामों की वजह से चर्चा में होते हैं. ऐसी ही कहानी एक IAS ऑफिसर की है, जो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर नीली बत्ती उतरवाई थी. इसके बाद से वह चर्चा में आ गई हैं. वह वर्ष 2019 की यूपीएससी की परीक्षा को पास करके 86 रैंक हासिल की थी. इनका नाम मुधमिता सिंह है.
यूपीएससी में हासिल की 86वीं रैंक
मधुमिता सिंह हरियाणा के पानीपत के छोटे से शहर समालखा से ताल्लुक रखती हैं. वह अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी एग्जाम को क्रैक करके 86वीं रैंक हासिल की हैं. उनके पिता महावीर सिंह वायुसेना के भूतपूर्व सैनिक हैं. मधुमिता के पिता ने भी वर्ष 1987 में एक बार सिविल सेवा परीक्षा दी थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे. हालांकि, उन्होंने अपनी बेटी की उसी परीक्षा में सफलता के माध्यम से अपने अधूरे सपने को सच होते देखा है. मधुमिता ऑल इंडिया रैंक 86 प्राप्त करके भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए हैं.
यहां से की ग्रेजुएशन की पढ़ाई
IAS मधुमिता सिंह ने महाराजा अग्रसेन स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की हैं. उन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा में 96% और 12वीं में 88% अंक हासिल की हैं. ग्रेजुएट की पढ़ाई के लिए उन्होंने PIET कॉलेज से BBA और IGNOU से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में MA किया है. वह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऑल इंडिया मैथ्स ओलंपियाड में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. वहीं उनकी मां दर्शन देवी एक गृहिणी हैं, और उनके दो भाई भी हैं.
तीसरे प्रयास में क्रैक किया UPSC
IAS मधुमिता सिंह ने यूपीएससी में अपना पहला प्रयास वर्ष 2017 में दिया था. वह अपने पहले प्रयास में मुख्य परीक्षा पास करने में सफल रहीं, लेकिन इंटरव्यू में सफलता हाथ नहीं लगी. उन्होंने वर्ष 2018 में फिर से अपना दूसरा प्रयास किया, लेकिन प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं. इसके बाद आखिरकार वर्ष 2019 में अधिक मेहनत और लगन के साथ फिर से तैयारी करने के बाद सफलता मिली और यूपीएससी की परीक्षा में 86वीं रैंक लाकर IAS Officer बन गई हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2024, 17:21 IST


