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नीट, यूजीसी-नेट विवाद की काली छाया कॉमन यूनिवर्सिटी इंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) पर भी पड़ रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्य प्रणाली पर प्रतियोगी छात्रों ने सवाल उठाया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशान्त पांडेय ने कहा कि छात्रों के मन में एनटीए की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में है। अब एनटीए की ओर से होने वाले सीयूईटी और नीट पीजी को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार अविलम्ब जांच करा कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उधर, यूजीसी नेट का पेपर लीक होने और रद्द किए जाने के विरोध में समाजवादी छात्र सभा ने गुरुवार को इविवि के छात्रसंघ भवन के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक कर विरोध दर्ज किया। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार छात्रों के मुद्दों को लेकर संवेदनशील नहीं हुई तो आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रियांशु विद्रोही, आलोक तिवारी, विकास यादव, अनुराग चौरसिया, अनूप यादव, सतेंद्र गंगवार, भानू,सोनू, इकरात प्रताप आदि मौजूद रहे।
दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने लल्ला चुंगी चौराहे पर एनटीए और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला दहन किया और मांग उठाई है शिक्षा मंत्री इस पूरे मसले की नैतिक जिम्मेदारी लें और अपने पद से इस्ती़फा दें। आरोप लगाया कि पिछले सात सालों में 80 से ज़्यादा पर्चे लीक हो चुके हैं। इस अवसर पर प्रियांशु, चंद्रप्रकाश, संजय, आकाश, प्रेमचन्द, अमरेश, प्रशान्त, निधि, वर्षा, चंचल, सौम्या रहीं।
