स्टॉक ब्रोकिंग फर्म जीरोधा (Zerodha) को यूजर्स को शुक्रवार को एक और तकनीकी गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। इसके ट्रेडिंग ऐप काइट के कई यूजर्स ने स्क्रीन फ्रोजन होने और अन्य दिक्कतों की शिकायत की। यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में Twitter) पर शिकायत की कि जीरोधा का ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म पूरी तरह से फ्रोजन हो गया था, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए परेशानी हुई।
हालांकि, ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ने आउटेज के बाद फिर से काम करना शुरू कर दिया है। यह सिर्फ 15 दिनों में दूसरा आउटेज है। इससे पहले इस महीने की शुरुआत में जीरोधा को टेक्नीकल दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जब भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने 3 जून को लोकसभा चुनाव एग्जिट पोल 2024 की घोषणा के बाद रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ था।
जीरोधा यूजर्स ने आज की तकनीकी गड़बड़ी के बारे में एक्स पर अपनी निराशा व्यक्त की। सीए विवेक खत्री ने एक पोस्ट में लिखा – “जीरोधा हैंग!!! हम पहले ही दूसरे प्लेटफॉर्म पर स्विच कर चुके हैं।जीरोधा में बहुत सारी समस्याएं हैं।” एक अन्य यूजर ने अपने ट्रेडिंग ऐप में फॉल्ट का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया।
जेप्टो ने 66.5 करोड़ डॉलर जुटाए, मूल्यांकन 3.6 अरब डॉलर हुआ
ई-कॉमर्स कंपनी जेप्टो ने वित्तपोषण के हालिया चरण में 66.5 करोड़ डॉलर (लगभग 5,560 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि इससे उसका बाजार पूंजीकरण 3.6 अरब डॉलर हो गया है, जो एक साल में लगभग तीन गुना हो गया है। मुंबई के इस स्टार्टअप द्वारा 1.4 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 23.5 करोड़ डॉलर जुटाने के एक वर्ष से भी कम समय बाद यह विशाल धनराशि जुटाई गई है।
कंपनी के हालिया वित्तपोषण चरण में एवेनीर, लाइटस्पीड, एवरा जैसे नए निवेशकों के साथ-साथ ग्लेड ब्रुक, नेक्सस, स्टेपस्टोन, गुडवाटर और लैशी ग्रूम जैसे पुराने निवेशकों ने भी भाग लिया। जेप्टो के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित पालिचा ने पीटीआई-भाषा से कहा, “हम 29 महीनों में शून्य से एक अरब से अधिक की बिक्री पर पहुंच गए हैं, जो कि हमसे पहले किसी भी अन्य इंटरनेट कंपनी की तुलना में तेज है। इस समय एक अरब डॉलर से अधिक के आधार पर भी, हम सालाना आधार पर 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि कर रहे हैं।”

