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ओडिशा सरकार ने पुरुष और महिला भारतीय हॉकी टीमों (सीनियर और जूनियर) के लिए अपने प्रायोजन को तीन और वर्षों के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मोहन माझी ने शुक्रवार को ‘विजन ओडिशा 2036’ को ध्यान में रखते हुए भारतीय हॉकी के स्पॉन्सरशिप को बढ़ाने का ऐलान किया। ओडिशा 2018 से पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय हॉकी टीमों का आधिकारिक प्रायोजक रहा है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मोहन माझी ने कहा कि भारतीय हॉकी के लिए ओडिशा के प्रायोजन को अगले तीन वर्षों के लिए बढ़ाने के निर्णय के बारे में भी बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के 100वें वर्ष को चिह्नित करने और जश्न मनाने तथा 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए गुजरात की संभावना को ध्यान में रखते हुए ये फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मोहन माझी ने कहा, ”2036 में, ओडिशा के गठन के 100 साल पूरे हो जाएंगे और इस साल गुजरात को ओलंपिक की मेजबानी मिलने की भी संभावना रहेगी। हॉकी के उत्थान में ओडिशा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और प्रायोजन के विस्तार से खेल के क्षेत्र में ये राज्य के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।”
अध्यक्ष दिलीप तिर्की और सचिव भोला नाथ सिंह के नेतृत्व में हॉकी इंडिया टीम ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन माझी से मुलाकात की और इस बात पर जोर दिया कि कैसे ओडिशा को हॉकी के कारण एक नई पहचान मिली और खेल परिदृश्य में अपने लिए एक अलग पहचान बनाई।
ओडिशा 2018 से पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय हॉकी टीमों का आधिकारिक प्रायोजक रहा है। पिछले साल अप्रैल में नवीन पटनायक सरकार ने पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों (सीनियर और जूनियर) के प्रायोजन समझौते को 10 और वर्षों के लिए (2023 से 2033 तक 434.12 करोड़ रुपये) बढ़ाने की घोषणा की थी।
ओडिशा सरकार ने हॉकी को काफी बढ़ावा दिया है। ओडिशा ने दो एफआईएच हॉकी पुरुष विश्व कप सहित कई टूर्नामेंटों का आयोजन किया है। राज्य सरकार ने राउरकेला में 20,000 दर्शकों की बैठने की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम भी बनाया है।

