दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
- कॉपी लिंक

तस्वीर 13 जून की है, जब NSUI के सदस्यों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर दोबारा परीक्षा की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।
देश में एंटी-पेपर लीक कानून यानी पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लागू हो गया है। केंद्र ने शुक्रवार (21 जून) की आधी रात इसकी अधिसूचना जारी की। इससे NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोका जा सकेगा।
इस कानून के तहत, पेपर लीक करने या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम 3 साल जेल की सजा होगी। इसे ₹10 लाख तक के जुर्माने के साथ पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।
परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी में किसी सरकारी अधिकारी के शामिल पाए जाने पर उसे कम से कम 3 साल की सजा मिलेगी। यह 10 साल तक बढ़ सकती है। इसके अलावा ₹1 करोड़ का जुर्माना भी हो सकता है।
पढ़िए केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन

केंद्र सरकार ने एंट्री-पेपर लीक कानून को लेकर शुक्रवार-शनिवार (21-22 जून) की रात अधिसूचना जारी की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने 12 फरवरी को कानून को मंजूरी दी थी
पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 6 फरवरी को लोकसभा और 9 फरवरी को राज्यसभा से पारित हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 फरवरी को बिल को मंजूरी देकर इसे कानून में बदल दिया।
इस कानून में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाएं शामिल होंगी। केंद्र के सभी मंत्रालयों, विभागों की भर्ती परीक्षाएं भी इस कानून के दायरे में होंगी। इसके तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।
सरकार ने आनन-फानन में अधिसूचना जारी क्यों की?
दरअसल, मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली NEET परीक्षा गड़बड़ी को लेकर विवादों में हैं। केंद्र की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस साल 5 मई को यह एग्जाम ली थी। रिजल्ट 4 जून को आया था।
इसमें 67 बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने सौ फीसदी स्कोर हासिल किया यानी 720 नंबर की परीक्षा में उन्होंने पूरे 720 नंबर हासिल किए। ऐसा पहली बार हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों ने पूरे सौ फीसदी नंबर हासिल किए हो। साल 2023 में सिर्फ दो छात्रों को सौ फीसदी नंबर आए थे।
इसके बाद पता चला कि 1563 स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। फिर परीक्षा का पेपर लीक का भी खुलासा हुआ। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद केंद्र ने ग्रेस मार्क्स वाले 1563 स्टूडेंट्स के स्कोर कार्ड रद्द कर दिए और 23 जून फिर से इनकी परीक्षा लेने की बात कही।
NEET में गड़बड़ी और री-एग्जाम की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब तक 5 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा। हालांकि, कोर्ट ने एग्जाम को रद्द करने और काउंसिलिंग पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है।
9 दिन में NTA की तीन बड़ी परीक्षाएं रद्द या स्थगित
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की 15 भर्ती परीक्षाएं कराती है। हालांकि, NEET में गड़बड़ी को लेकर विवाद के बाद से पिछले 9 दिनों में एजेंसी को UGC-NET सहित 3 बड़ी परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ी हैं।

UGC-NET एग्जाम में अपीयर होने वाले एक कैंडिडेट ने सोशल मीडिया पर परीक्षा रद्द होने के बाद नाराजगी जताई थी।
1. नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट: परीक्षा 12 जून को दोपहर में हुई थी। शाम को रद्द कर दी। इसे 29,000 छात्रों ने ऑनलाइन मोड में दी। यह परीक्षा 4 साल के इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में एडमिशन के लिए होती है।
वजह:डेढ़ घंटे तक छात्र लॉग-इन नहीं कर पाए। NTA ने तकनीकी गड़बड़ी बताकर परीक्षा रद्द की। अब तक नई तारीख घोषित नहीं हुई है।।
2. UGC-NET: 18 जून को परीक्षा ली गई थी।19 जून को रद्द कर दी। देशभर के 9,08,580 छात्रों ने दी। इसमें सफल अभ्यर्थी असिस्टेंट प्रोफेसर, जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्र होते हैं।
वजह: शिक्षा मंत्री ने कहा- टेलीग्राम पर पर्चा आ गया था। मूल पर्चे से मिलाया तो वह मेल खा गया। इसलिए रद्द करनी पड़ी।
3. सीएसआईआर-यूजीसी-नेट: 25 जून से होनी थी, 21 जून को टाली दी। 2 लाख से अधिक छात्रों का रजिस्ट्रेशन था। अभ्यर्थी जूनियर रिसर्च फेलोशिप, लेक्चर-शिप/असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्र होते हैं।
वजह: NTA ने अपरिहार्य परिस्थितियां और लॉजिस्टिक इश्यू बताकर परीक्षा स्थगित करने का हवाला दिया।
एंटी-पेपर लीक कानून यानी पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में क्या है

4 साल तक के लिए एग्जाम सेंटर होगा सस्पेंड
एंटी-पेपर लीक कानून के तहत, अगर किसी गड़बड़ी में एग्जाम सेंटर की भूमिका पाई जाती है तो उस सेंटर को 4 साल के लिए सस्पेंड किया जाएगा। यानी उस सेंटर को अगले 4 साल तक के लिए कोई भी सरकारी एग्जाम कराने का अधिकार नहीं होगा।
एग्जाम सेंटर में नहीं मिलेगी हर किसी को एंट्री
ये कानून ऑर्गेनाइज्ड गैंग्स, माफिया और इस तरह के कामों में लगे हुए लोगों से निपटने के लिए लाया गया है। इसके साथ ही अगर सरकारी अधिकारी भी इसमें शामिल पाए जाते हैं, तो उनको भी अपराधी माना जाएगा। किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे पब्लिक एग्जाम या उससे जुड़ा काम नहीं दिया गया है, उसे एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी।

ये खबरें भी पढ़ें…
NEET में 1563 कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स क्यों: 6 सेंटर्स पर बच्चे 3 हजार, शिकायतकर्ता 20 हजार

NEET रिजल्ट में ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 कैंडिडेट्स के लिए रीएग्जाम 23 जून को होना है। NTA ने 13 जून को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि रिजल्ट में जिन 1563 कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं, उनके मार्क्स कैंसिल होंगे और इन्हें रीएग्जाम का ऑप्शन दिया जाएगा। खास बात ये है कि NTA ने कोर्ट को इस बात का कोई सबूत नहीं दिया कि क्यों 1563 कैंडिडेट्स को ही ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
शिक्षा मंत्री प्रधान बोले- NEET के साथ समझौता नहीं होगा: NTA के लिए हाई लेवल कमेटी गठित होगी

NEET एग्जाम विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘NEET एग्जाम के साथ समझौता नहीं होगा। एग्जाम को जीरो एरर बनाया जाएगा।’ NTA के लिए हाई लेवल कमेटी गठित होगी, जो इसको और बेहतर करने की सिफारिश करेगी। पूरी खबर पढ़ें…

