टिप्पणी करना राहुल गांधी को पड़ गया भारी।राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी किया और अब यह मामला कोर्ट तक जा पहुंचा गया। कोर्ट ने राहुल गांधी को बयान दर्ज करवाने लिए तलब किया। बुधवार को एमपी एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले पर पक्षकार बनाने के लिए दी गई अर्जी को खारिज कर दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।
4 अगस्त 2018 में जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय मिश्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था।कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आरोप है कि 15 जुलाई 2018 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को ट्रायल के लिए तलब किया था।20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में हाजिर होकर अपनी जमानत कराई थी।उसके बाद उनके बयान दर्ज होने की कार्रवाई में मामला अभी तक लंबित है। उसके बाद उन्हें 7 जून को कोतवाली नगर के घरहा कला डिहवा निवासी राम प्रसाद ने कोर्ट में अर्जी देकर पक्षकार बनाए जाने की मांग की थी।
इसका शिकायत करता भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडे ने विरोध किया और कहा कि राहुल गांधी के अनुचित प्रभाव में मामले को विलंबित करने के लिए अर्जी दी गई है। बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई के लिए अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने राहुल गांधी को बयान दर्ज करने के लिए तलब करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तिथि नियत कर दी है।

