Desk Report(Noida): जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव (Jammu Kashmir Election 2024) का एलान हो चुका है। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले चरण का चुनाव 18 सितंबर को होगा दूसरे चरण का चुनाव 25 सितंबर और तीसरे चरण का चुनाव एक अक्टूबर को होगा। वहीं चुनाव के परिणाम चार अक्टूबर को आएंगे।
87 की जगह 90 सीटें होंगी और 6 की जगह 5 साल का होगा कार्यकाल
तीन चरणों में- 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को मतदान होगा
विधानसभा चुनावों के परिणाम चार अक्टूबर को आएंगे
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने केंद्रशासित प्रदेश (Jammu Kashmir Assembly Election Date) में चुनाव का एलान भी कर दिया है।
मुख्य चुनाव राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों पर तीन चरणों में चुनाव होंगे। वहीं चुनाव परिणाम चार अक्टूबर का आएंगे।
कब-कब होगी वोटिंग
चुनाव आयोग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर की सभी 90 सीटों पर तीन चरणों- 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 4 अक्टूबर को आएंगे। बता दें कि कश्मीरी प्रवासियों के लिए दिल्ली, जम्मू और उधमपुर में स्पेशल पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
ये है नामांकन की तिथि
पहले चरण के लिए नामांकन 27 अगस्त, दूसरे चरण के लिए 5 सितंबर और तीसरे चरण के लिए 12 सितंबर से दाखिल किए जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हमने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए दौरा किया था। लोगों में काफी उत्साह देखा गया। वे चुनाव प्रक्रिया में भाग लेना चाहते थे। लोग चाहते हैं कि चुनाव जल्द से जल्द हों।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा…
“आप सभी को याद होगा कि लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर जो लंबी-लंबी लाइनें देखी गईं, वो जम्हूरियत की ताकत थी। इससे उम्मीद और जम्हूरियत की झलक दिखती है कि अवाम अपनी तकदीर खुद बदलना चाहती है। जम्मू-कश्मीर की जनता चाहती है कि वह भी देश का भविष्य बदलने में शामिल हो। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकसभा चुनाव में बुलेट के बजाय बैलेट को चुना।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 42.6 लाख महिलाओं सहित 87.09 लाख मतदाता हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिनमें से 74 जनरल, 9 अनुसूचित जाति और 7 अनुसूचित जनजाति के लिए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश में मतदाताओं की संख्या कुल 87.09 लाख हैं जिसमें 44.46 लाख पुरुष और 42.62 लाख महिला मतदाता हैं। जम्मू-कश्मीर में युवा मतदाताओं की संख्या 20 लाख है।
विशेष राज्य का दर्जा हटने के बाद चुनाव में क्या बदला?
जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 को हटाया गया था।
आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में 87 सीटों पर हुआ था, जिनमें 4 सीटें लद्दाख की थीं।
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सात विधानसभा सीटें बढ़ गई हैं।
90 विधानसभा सीटों में से 74 सामान्य, 7 एससी और 9 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं।
जम्मू-कश्मीर सरकार का कार्यकाल पहले 6 साल होता था, अब 5 साल का होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था यह निर्देश
पिछले साल 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराए जाएं।
Author: Rashmi Raj


