आगरा :किरावली के गांव बघा सोनगा में सोमवार को वायुसेना का एक MiG-29 लड़ाकू विमान तकनीकी खराबी से क्रैश हो गया था. पायलट ने पैराशूट के सहारे कूदकर अपनी जान बचाई. ग्रामीणों के अनुसार विमान आग की लपटों से घिरा था. करीब 20 सेकेंड तक वह उड़ता रहा. अगर गांव में विमान गिरता तो काफी जनहानि हो सकती थी. पायलट विंग कमांडर मनीष मिश्रा ने सूझबूझ से काम लिया. उन्होंने खुद के साथ ही गांव भी बचा लिया. विमान खाली खेत में गिरा. इससे गांव की करीब 14 हजार की आबादी बच गई. देर रात तक एयरफोर्स के अधिकारियों ने टॉर्च की रोशनी में कलपुर्जे जमा किए. ब्लैक बॉक्स को जांच के लिए भेजा गया है.
फाइटर प्लेन मिग-29 में ब्लैक बॉक्स पिछले हिस्से में लगा होता है. ये बहुत ही मजबूत होता है. इसमें ही उड़ान के दौरान की हर जानकारी फीड होती है. यह एक तरीके से विमान की डिजिटल डायरी होती है. ब्लैक बॉक्स के 2 अहम हिस्से होते हैं. इसमें पहला पार्ट फ्लाइट डाटा रिकार्ड करता है तो दूसरा उड़ान के दौरान होने वाली सभी तकनीकी खामियां, स्पीड, हाइट, डायरेक्शन, फ्यूल लेवल समेत अन्य की जानकारी जुटाता है.

ब्लैक बॉक्स में काकपिट वाइस रिकार्डर होता है:
ब्लैक बॉक्स में काकपिट वाइस रिकार्डर होता है. यह पायलट की बातचीत भी रिकार्ड करता है. विमान तकनीकी कमी से क्रैश हुआ है. यह खराबी क्या थी, यह राज ब्लैक बाक्स की जांच से ही खुलेगा. विमान क्रैश होने के एक घंटे के बाद ही 2 हेलीकाप्टरों से वायुसेना अधिकारियों की टीम पहुंची. टीम ने विमान के आसपास जांच की. फोटो से लेकर वीडियो बनाए. ग्रामीणों के भी बयान लिए हैं. इसके बाद ही हादसे के दौरान ग्रामीणों की ओर से बनाए वीडियो भी लिए. इन सभी को जांच में शामिल किया गया है.

पायलट को चारपाई पर लिटाया. ग्रामीणों ने पायलट से पूछा कि चोट लगी हैं क्या, इस पर उन्होंने न में जबाव दिया. हमने पूछा- फिर क्या हुआ?. गांव के लोगों ने बताया कि कुछ देर में पुलिस के साथ कई गाड़ियां मौके पर आ गईं. हम लोगों को उस एरिया में जाने से रोक दिया. ग्रामीण राजेश कुमार ने बताया कि पहले एक बार को लगा कि ये विमान गांव पर गिरेगा. मगर, पायलट ने पहले ही अपनी सूझबूझ का परिचय दे दिया था. गांव में रातभर पायलट की सूझबूझ और प्लेन क्रैश की चर्चा होती रही.

एयरफोर्स का फाइटर प्लेन मिग 29 जब क्रैश होकर जमीन पर गिरा तो उसमें आग लग गई. इस दौरान धमाके भी हुए. ग्रामीणों दूर खड़े होकर देखते रहे. सूचना पर पुलिस, एयरफोर्स और फायर ब्रिगेड की गाडी पहुंच गई. फायर ब्रिगेड कर्मचारी प्लेन की आग बुझाने में जुट गए. प्लेन में ईंधन अधिक होने की वजह से आग जल्दी नहीं बुझ रही थी. आग बुझाने में फोम का इस्तेमाल किया गया तो काबू पाया जा सका. करीब ढाई घंटे तक प्लेन जलता रहा.