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NEET : चौंकाते हैं नीट पेपर लीक के आरोपी छात्रों के कम मार्क्स और रैंक, MBBS की सरकारी सीट नहीं मिलेगी

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नीट पेपर लीक मामले में घमासान जारी है। नीट में गड़बड़ी की पुलिस जांच, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, विपक्ष के हमलों और सरकार की बढ़ती सख्ती के बीच एक ऐसा तथ्य उजागर हुआ है तो मामले को और पेचीदा बना सकता है। बिहार में नीट पेपर लीक मामले में पटना के जो 13 छात्र पुलिस की जांच के दायरे में हैं, उनमें से तीन स्टूडेंट्स नीट में क्वालिफाइंग मार्क्स भी हासिल नहीं कर पाए हैं। मिली जानकारी के अनुसार आठ छात्रों को 720 में से 500 से भी कम अंक मिले हैं। जांच के शिकंजे में आए 13 में 9 स्टूडेंट्स के 500, 400, 300, 200 और 185 में स्कोर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्टूडेंट्स के 609 मार्क्स मिले हैं और उनकी रैंक 71000 है। देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल एमबीबीएस सीटें करीब 56000 हैं । जाहिर है कि इन सभी स्टूडेंट्स को सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलेगा। 

नीट पेपर लीक कराने के लिए मोटी रकम देने के बाद प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस सीट की भारी भरकम फीस चुकाना भी आसान नहीं होगा। इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में गोधरा के जो दो एग्जाम सेंटर ओएमआर शीट में हेराफेरी के आरोप में जांच के दायरे में हैं, उनके 98 फीसदी अभ्यर्थियों के 500 से भी कम मार्क्स हैं। 

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रात में ही मिल गया था पेपर, फूफा ने कराई थी सेटिंग

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बिहार में पेपर लीक के एक आरोपी छात्र अनुराग यादव ने कबूल कर लिया है कि उसे परीक्षा से पहले वाली रात में पेपर मिल गया था। पेपर में हूबहू वही प्रश्न थे जो अगले नीट प्रश्न पत्र में थे। छात्र ने स्वीकारा कि उसे उत्तर पुस्तिका भी दी गई थी और प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। अनुराग ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि मुझे मेरे फूफा सिकंदर यादवेंद्र ने कोटा से यह कह कर बुलाया था की परीक्षा के लिए सेटिंग हो गई है। परीक्षा के बाद पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था।  पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे सिकंदर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जल संसाधन विभाग में कार्यरत सिकंदर को गिरफ्तारी के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। 

बिहार में नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई ( बिहार ईओयू) कर रही है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का कहना था कि नेशनल टेस्टिंग काउंसिल (एनटीए) सहयोग नहीं कर रही है। इसके मद्देनजर मंगलवार को ईओयू की दो सदस्यीय टीम एनटीए मुख्यालय नई दिल्ली पहुंची। 

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