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एमएमएमयूटी में सत्र 2024-25 से पीएचडी करने वाले शोधार्थियों के लिए फेलोशिप पाने के कई मौके होंगे। एमएमएमयूटी, एआईसीटीई और केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से 15 हजार से लेकर 43,750 रुपये तक प्रति माह फेलोशिप दी जाएगी। एमएमएमयूटी में इस सत्र में कुल 48 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इनमें से 27 शोधार्थियों को एमईटी फेलोशिप दी जाएगी। इसके अलावा 17 अन्य शोधार्थी स्ववित्तपोषित मोड में प्रवेश ले सकेंगे। इनके अलावा चार शोधार्थियों को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से विश्वेश्वरैया योजना के तहत फलोशिप दी जाएगी।
एआईसीटीई ने भी लांच की फेलोशिप
शोधार्थियों के लिए एआईसीटीई ने भी डॉक्टोरल फेलोशिप योजना पिछले हफ्ते लांच की है। इसमें गेट क्वालीफाई करने वाले शोधार्थियों को जेआरएफ के रूप में शुरुआती दो साल 37 हजार और उसके बाद अगले तीन वर्ष तक 42 हजार रुपये प्रतिमाह फेलोशिप दी जाएगी। इन्हें रिसर्च कंटीजेंसी के रूप में भी 15 हजार रुपये मिलेंगे।
विश्वेश्वरैया योजना में कई सुविधाएं
विश्वेश्वरैया योजना इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और कम्प्यूटर साइंस के शोधार्थियों के लिए है। इसमें तीन फुल टाइम और एक पार्ट टाइम पीएचडी के शोधार्थी होंगे। फुलटाइम शोधार्थियों को पहले दो वर्ष 38,750 रुपये और उसके बाद अगले तीन सालों के लिए 43,750 रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। पार्टटाइम शोधार्थी को पीएचडी पूरा होने पर एकमुश्त तीन लाख रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। इसके अलावा रिसर्च कंटीजेंसी ग्रांट के रूप में प्रति वर्ष 1.20 लाख रुपये मिलेंगे। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रतिभाग पर अलग से 1.50 लाख रुपये मिलेंगे।
शोधार्थियों को किसी एक योजना का ही लाभ
डीन रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिसेज प्रो. राकेश कुमार ने बताया कि शोधार्थियों को किसी एक फेलोशिप का ही लाभ मिलेगा। गेट के जरिए दाखिला लेने वाले शोधार्थियों को एआईसीटीई से फेलोशिप मिलेगी। एमईटी से प्रवेश लेने वाले शोधार्थियों में से यदि कोई यूनिवर्सिटी की फेलोशिप पा रहा है और उसका चयन विश्वेश्वरैया योजना में हो गया तो उसे यह फेलोशिप रोककर स्ववित्तपोषित वाले दूसरे शोधार्थी को दी जाएगी।
आईटी मंत्रालय की विश्वेश्वरैया योजना में 4 छात्रों को फेलोशिप
पीएचडी में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यूनिवर्सिटी फेलोशिप के साथ ही इस बार आईटी मिनिस्ट्री की विश्वेश्वरैया योजना और एआईसीटीई से भी फेलोशिप का मौका होगा।
– प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी
