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यूजीसी नेट में भी सॉल्वर गैंग सक्रिय रहा। पुलिस की सक्रियता से मंगलवार को एक देने से पहले ही पकड़ लिया गया। करेली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि भदोही जिले के आलोक कुमार की करेली स्थित ठाकुर हर नारायण डिग्री कॉलेज, करेलाबाग में परीक्षा थी। उसकी जगह मिर्जापुर निवासी सहायक अध्यापक उमाकांत बिंद परीक्षा देने पहुंचा था। कॉलेज में परीक्षा से पूर्व ही बॉयोमिट्रिक जांच हो रही थी। हर अभ्यर्थी के फिंगर प्रिंट के मिलान के बाद ही अंदर भेजा जा रहा था। इसी जांच में उमाकांत फंस गया। उसका फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हुआ। शक होने पर फोटो की मिलान की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह आलोक की जगह परीक्षा देने आया था।
कॉलेज की ओर करेली थाने में अभ्यर्थी और सॉल्वर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने पूछताछ की तो उमाकांत ने बताया कि उसके साथी धनराज ने परीक्षा के लिए डील कराई थी। 20 हजार रुपये में सौदा हुआ था।
81 फीसदी ने दी परीक्षा
देशभर के 317 शहरों में मंगलवार को आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा के लिए 11.21 लाख से अधिक पंजीकृत उम्मीदवारों में से लगभग 81 प्रतिशत उपस्थित हुए। यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदेश कुमार ने यह जानकारी साझा की। ममीडाला जगदेश कुमार ने ट्वीट किया, एनटीए ने यूजीसी-नेट जून 2024 को सफलतापूर्वक आयोजित किया है। परीक्षा 11,21,225 उम्मीदवारों के लिए 317 शहरों में 1205 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। कुल पंजीकृत उम्मीदवारों में से 81 फीसदी उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए। यूजीसी-नेट हर साल दो बार (जून और दिसंबर) आयोजित किया जाता है। एनटीए यूजीसी की सहमति से देशभर के चयनित शहरों में 83 विषयों में यूजीसी नेट का आयोजन कर रही है।
